टीम एबीएन, रांची। मंगलवार से नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में नियमित रूप से योग की कक्षा शुरू हो गई। हाइकोर्ट के जस्टिस अपरेस कुमार सिंह ने एनएलयू के कुलपति केशवा राव को लॉ में अध्ययनरत छात्रों के लिये योग कराने की सलाह दी थी और इसकी ऑफिसियल शुरुआत भी 23 अप्रैल को आचार्य मुक्तरथ की उपस्थिति हो गयी थी। आज विधिवत योग कक्षा की शुरुआत हो गयी। स्वामी मुक्तरथ और गौरव कुमार ने योग के सैद्धांतिक और प्रायोगिक कक्षा का परिचालन किया। समग्र स्वास्थ्य के लिए बिहार योग पद्धति का अभ्यास कराया गया। जिसमें अष्टांग योग, हठयोग, कुंडलिनी योग, भक्तियोग तथा ज्ञानयोग की साधना को विशेष रुप से बताया गया। मुक्तरथ जी ने कहा जिस प्रकार से हिंदुस्तान में मधुमेह और हृदय रोग के साथ-साथ कई प्रकार की मानसिक समस्याएं बढ़ रही हैं, यह चिंता का विषय है और इसे आसन, प्राणायाम, षट्कर्म, ध्यान, कीर्तन जैसे समग्र योग की साधना से रोका जा सकता है। एनएलयू के वीसी केशवा राव ने सभी लॉ स्टूडेंट्स को योग करने की सलाह दी और उन्होंने कहा, योग आप के शरीर को स्वस्थ रखने के साथ पढ़ाई में बहुत मदद करेगा। प्राणायाम और ध्यान मस्तिष्क को तनावमुक्त रखता है।