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धनबाद : केंद्रीय कोयला मंत्री से अवैध कोयला खनन की उच्चस्तरीय जांच की मांग

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धनबाद : केंद्रीय कोयला मंत्री से अवैध कोयला खनन की उच्चस्तरीय जांच की मांग
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  • धनबाद में बढ़ते भू-धसान को लेकर केंद्रीय कोयला मंत्री को पत्र
  • अवैध कोयला खनन की उच्चस्तरीय जांच की मांग

एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। धनबाद जिले में लगातार सामने आ रही भू-धसान और जमीन धंसने की घटनाओं को लेकर अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने केंद्रीय कोयला मंत्री को पत्र लिखकर मामले की उच्चस्तरीय जांच और अवैध कोयला खनन पर रोक लगाने की मांग की है।

पत्र में रत्नेश कुमार ने कहा कि धनबाद के विभिन्न कोयला क्षेत्रों में आए दिन भू-धसान की घटनाएं सामने आ रही हैं। बारिश के मौसम में ऐसी घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है, जिससे आबादी वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना हुआ है।

उन्होंने बताया कि धनबाद के कई क्षेत्रों में पूर्व में बीसीसीएल की भूमिगत खदानों से कोयला उत्पादन किया गया था, जिसके कारण कुछ स्थानों की जमीन के नीचे खोखली हो चुकी है। वहीं, आउटसोर्सिंग परियोजनाओं में भारी मशीनों और ब्लास्टिंग के जरिए होने वाले खनन से भी भूगर्भीय स्थिति प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।

पत्र में बंद भूमिगत खदानों और पुराने खनन क्षेत्रों में कथित अवैध मुहाने बनाकर कोयला निकालने का भी आरोप लगाया गया है। रत्नेश कुमार का कहना है कि ऐसी गतिविधियों के कारण जमीन के नीचे खोखलापन बढ़ता जा रहा है और भू-धसान का खतरा उत्पन्न हो रहा है। 

उन्होंने केंदुआडीह क्षेत्र में NH-32 सड़क के भू-धसान से प्रभावित होने का भी उल्लेख करते हुए मामले की जांच की मांग की है। ओर रोड पर जल्द पुनः चालू कराने की मांग की है। 

रत्नेश कुमार ने केंद्रीय कोयला मंत्री से धनबाद जिले में भू-धसान की घटनाओं और इनके संभावित कारणों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच, संवेदनशील क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण, कथित अवैध खनन और अवैध मुहानों की जांच तथा पुराने भूमिगत खनन क्षेत्रों की सुरक्षा स्थिति का आकलन कराने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि आबादी वाले और संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए, ताकि लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और भविष्य में संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

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