- ईश्वर चन्द्र विद्यासागर, देवानंद की जयंती और हेमंत कुमार की पुण्यतिथि मनी
एबीएन न्यूज नेटवर्क, खूंटी। भारतीय संस्कृति फिल्मी सिंधु के तत्वावधान में भगतसिंह चौक पर ईश्वर चन्द्र विद्यासागर, देवानंद का जन्मदिन तथा हेमंत कुमार की पुण्यतिथि मनाई गई। भारतीय संस्कृति फिल्मी सिंधु के अध्यक्ष डॉ दीपक कुमार घोष ने कहा कि आज का दिन भारतीय इतिहास और सिनेमा के लिए बेहद खास है।
आज तीन महान शख्सियतों को याद किया जा रहा है। ईश्वर चन्द्र विद्वान और महान समाजसेवक थे। देवानंद की फिल्मों ने समाज पर छाप छोड़ी, हेमंत कुमार के अमर गीत या दिल की सुनो, है अपना दिल तो आवारा, ये रात ये चांदनी आदि की सराहना की।
समाजसेवी डॉ धर्मेंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि 19वीं सदी के महान समाज सुधारक, शिक्षाविद और लेखक ईश्वर चन्द्र विद्यासागर ने बाल विवाह, सती प्रथा के खिलाफ आवाज उठाई और विधवा पुनर्विवाह को कानूनी मान्यता दिलाने में अहम भूमिका निभाई। बंगाल में नारी शिक्षा के जनक माने जाते हैं। उनकी सादगी और दया के कारण उन्हें विद्या का सागर कहा गया।
साथ ही देवानंद हर दिल अजीज अभिनेता रहे। हेमंत दा के गीत दिलों में उतर जाते हैं। अखिल भारतीय सांस्कृतिक विकास महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष तपन घोष ने कहा कि हिंदी सिनेमा के सदाबहार अभिनेता देवानंद अपनी स्टाइल, रोमांटिक अंदाज और फुर्तीली अदाकारी से उन्होंने दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज किया।
गाइड, ज्वेल थीफ, हरे रामा हरे कृष्णा जैसी फिल्मों के लिए उन्हें याद किया जाता है, विद्यासागर के कार्य और हेमंत कुमार के गीत सदा याद किए जाएंगे। युवा ध्रुवेन्द्र भास्कर ने कहा कि ईश्वर चन्द्र विद्यासागर महान व्यक्तित्व के धनी थे। देवानंद का अभिनय ने युवा -युवतियों को दीवाना बना दिया।
उन्होंने कहा कि प्रसिद्ध पार्श्व गायक, संगीतकार और निर्माता हेमंत कुमार अपनी गहरी और मखमली आवाज से उन्होंने हिंदी और बांग्ला संगीत को अमर गीत दिए। जाने वो कैसे लोग थे जिनको, तेरी दुनिया में जीने से तो बेहतर जैसे सदाबहार गीत आज भी लोगों की जुबां पर हैं। अनुप राय, तुलसी प्रजापति, किशोर ठाकुर सहित अन्य ने भी इन महान विभूतियों को याद किया।