खानकाह मजहरिया मुनअमिया में जिक्र-ए-ईमाम हुसैन का आयोजन, शर्बत व लंगर-ए-हुसैनी वितरित
टीम एबीएन, रांची। डोरंडा के मणिटोला स्थित फिरदौस नगर की खानकाह मजहरिया मुनअमिया में शनिवार को बाद नमाज-ए-मगरिब हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) की याद में जिक्र-ए-ईमाम हुसैन का रूहानी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन खानकाह के सज्जादा नशीन पीर-ए-तरीकत रहबर-ए-शरीयत अल्हाज सैय्यद शाह अलकमा शिब्ली कादरी की सरपरस्ती में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरूआत हल्का-ए-जिक्र से हुई। इसके बाद जिक्र-ए-ईमाम हुसैन (अ.स.) पेश किया गया, जिसमें कर्बला के पैगाम, सब्र, कुर्बानी और इंसाफ की अहमियत पर रोशनी डाली गयी। अंत में फातिहाख़्वानी, सलातो-सलाम और मुल्क, राज्य तथा पूरी दुनिया में अमन, भाईचारे और खुशहाली के लिए खास दुआ की गयी।
दुआ के बाद उपस्थित अकीदतमंदों के बीच शर्बत और लंगर-ए-हुसैनी वितरित किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत कर हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) को खिराज-ए-अकीदत पेश किया।
मौके पर सैय्यद एहतेशामुर रब, सैय्यद आरिज सिमनानी, मौलाना सैय्यद शाह अबू राफे तिबरानी, सैय्यद अबू कुहाफा हेजाजी, सैय्यद अबू जरा हम्मादी, सैय्यद जैन कादरी, सैय्यद जिदान कादरी, मोहम्मद शब्बीर, मोहम्मद रियाज, मो रिजवान हुसैन, शाहिद खान, फजले इलाही, मोहम्मद कमरू, मोहम्मद अब्बास सहित सैकड़ों अकीदतमंद मौजूद रहे।
कार्यक्रम शांतिपूर्ण, धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल में संपन्न हुआ, जहां इमाम हुसैन (अ.स.) की कुर्बानी से प्रेरणा लेकर मानवता, सत्य और इंसाफ के रास्ते पर चलने का संदेश दिया गया।