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जमशेदपुर : जादूगोड़ा खुले आसमान के नीचे मिली नवजात, गांववालों की संवेदनशीलता से बची जान

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जमशेदपुर : जादूगोड़ा खुले आसमान के नीचे मिली नवजात, गांववालों की संवेदनशीलता से बची जान
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धोबनी गांव में नवजात बच्ची मिलने से सनसनी, चाइल्ड हेल्प लाइन को सौंपा गया 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, जादूगोड़ा (जमशेदपुर)। पोटका प्रखंड के डोमजूडी पंचायत अंतर्गत धोबनी गांव में गुरुवार सुबह मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आयी। गांव में खुले आसमान के नीचे लावारिस हालत में एक नवजात बच्ची मिलने से इलाके में सनसनी फैल गयी। हालांकि ग्रामीणों की तत्परता और पुलिस-प्रशासन की पहल से बच्ची को सुरक्षित बचा लिया गया। बाद में उसे एमजीएम अस्पताल के चाइल्ड हेल्प लाइन को सौंप दिया गया। 

जानकारी के अनुसार जादूगोड़ा थाना क्षेत्र के धोबनी गांव में सुबह करीब साढ़े पांच बजे गांव की 14 वर्षीय युवती दुला हांसदा घर के बाहर झाड़ू लगा रही थी। इसी दौरान उसे बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज की दिशा में जाने पर उसने देखा कि एक नवजात बच्ची अकेली पड़ी हुई है। यह दृश्य देखकर वह घबरा गई और तुरंत गांववालों को इसकी सूचना दी। 

कुछ ही देर में खबर पूरे गांव में फैल गयी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गये। सूचना मिलने पर जादूगोड़ा पुलिस, डोमजूडी पंचायत की मुखिया अनीता मुर्मू, जिला परिषद सदस्य हिरण्यमय दास, स्वास्थ्य सहिया लक्ष्मी सोरेन, वार्ड सदस्य राहुल सोरेन समेत कई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे।

बच्ची की प्राथमिक स्वास्थ्य जांच के बाद उसे सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया। 
बाद में जनप्रतिनिधियों के आग्रह पर बच्ची को चाइल्ड हेल्प लाइन, जमशेदपुर को सौंप दिया गया। फिलहाल बच्ची पूरी तरह सुरक्षित बताई जा रही है। 
वार्ड सदस्य राहुल सोरेन ने बच्ची को गोद लेने की इच्छा जतायी।

डोमजूडी पंचायत की मुखिया अनीता मुर्मू ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बरामद बच्ची को गांव के वार्ड सदस्य राहुल सोरेन की पत्नी माधो सोरेन को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर सौंपा जाये। माधो सोरेन ने बच्ची को गोद लेने की इच्छा जाहिर करते हुए कहा कि उनके घर में बेटी नहीं है और वह इस बच्ची का पालन-पोषण कर उसका भविष्य संवारना चाहती हैं। 

मुखिया अनीता मुर्मू ने कहा कि जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल चाइल्ड हेल्प लाइन, जमशेदपुर जाकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगा, ताकि बच्ची का पालन-पोषण गांव में ही हो सके।

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