हुसैनाबाद विस क्षेत्र के सभी प्रखंडों में बाबा साहब की प्रतिमा होगी स्थापित : विधायक
एबीएन न्यूज नेटवर्क, हुसैनाबाद (पलामू)। हुसैनाबाद में संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती लोगों ने धूमधाम से समानता दिवस के रूप में मनाया। जपला शहर के मुख्य बाजार अंबेडकर चौक पर स्थापित डॉ भीमराव अंबेडकर के आदमकद प्रतिमा पर सुबह से लोगो की तांता लगा रहा।
सुबह से ही क्षेत्र के विभिन्न राजनीतिक दल व सामाजिक कार्यकतार्ओं ने पंहुच कर माल्यार्पण किया एवं उनके प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इसके बाद अंबेडकर चेतना परिषद के अनुमण्डल इकाई ने बुद्ध प्रार्थना व सभा को संचालित किया। डॉ भीमराव अंबेडकर के समानता शिक्षा और सामाजिक न्याय के संघर्षों को याद कराते हुए लोगो से शिक्षित बनो संघर्ष करो के नारा को बुलंद किया।
वहीं क्षेत्रीय विधायक संजय कुमार सिंह यादव, एसडीओ गौरांग महतो प्रखंड प्रमुख राजकुमारी देवी, नगर अध्यक्ष अजय कुमार भारती, नपं उपाध्यक्ष सुनील कुमार चौधरी, पूर्व नपं अध्यक्ष शशि कुमार, समाजसेवी एजाज हुसैन उर्फ छेदी खान, बसपा नेता शेर अली, राजद युवा नेता रवि कुमार यादव, मुन्ना देव, भारतीय जनता पार्टी के वृद्ध नेता रामप्रवेश सिंह, सांसद प्रतिनिधि सुबोध कश्यप, नेहरू युवा केन्द्र लोटनिया के सतीश शर्मा आदि उनके श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
विधायक ने कहा कि भारतीय संविधान के जनक डॉ. भीमराव अंबेडकर की समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय के संघर्ष को याद करने का आज विशेष दिन है। आज उनके द्वारा लिखित संविधान नही होता तो हम सब बंचित शोषितों, महिलाओं और पिछड़े वर्गों के उत्थान नही होता इनके द्वारा लिखित संविधान व वोट के माध्यम से लोकतांत्रिक व्यवस्था ने ही देश में इतनी अमीरी गरीबी व जातिवादी मानसिकता की खाई को पाटने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि बंचित समाज को गोलबंद होकर शिक्षित बनने व संघर्ष करने की जरूरत है। उन्होंने बाबा साहेब के प्रति श्रद्धा अर्पित करते हुए घोषणा की है कि अनुमंडल ही नही विधानसभा स्तर पर सभी सरकारी सभागार प्रखंड परिसरों में उनके प्रतिमा स्थापित की जायेगी।
नगर पंचायत अध्यक्ष अजय कुमार भारती ने कहा की बाबा साहब ने जीवनभर जातिवाद, भेदभाव व असमानता के खिलाफ आवाज उठाते हुए समाज को शिक्षा, राजनीति व न्याय व्यवस्था को नयी दिशा देने का काम किया है। अंबेडकर चेतना परिषद के वक्ताओं ने डॉ बीआर साहेब ने इस देश मे समता,स्वतंत्रता, बंधुत्व व न्याय पर आधारित संविधान को दिया जिसके आगे दुनिया नतमस्तक हैं।