रांची में आदिवासी संगठनों की आक्रोश महारैली, कुड़मियों को एसटी में शामिल करने की मांग का किया पुरजोर विरोध
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के कुड़मी समाज की ओर से उन्हें एसटी में शामिल करने की मांग के खिलाफ आदिवासियों का विरोध जारी है। इसी कड़ी में आदिवासी संगठन ने महाजुटान कर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया और पारंपरिक हथियारों के साथ आक्रोश महारैली में शामिल होकर चेतावनी दी कि वह अपने हक और अधिकार के लिए पूरी तरह सजग और जागरूक है।
दरअसल राज्य के अलग अलग जिलों से पारंपरिक लिबास और तीर धनुष, भाला, हंसिया, दाब लेकर आदिवासी समुदाय के लोगों में जेएलकेएम विधायक जयराम महतो, देवेंद्रनाथ महतो के खिलाफ ज्यादा नाराजगी देखी गयी।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अंग्रेजों के शासनकाल में हम आदिवासियों को नीच दृष्टि से देखने वाला कुड़मी समाज, अंग्रेज के शासनकाल में खुद आदिवासी से अलग हो गया और जब आजादी के बाद बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने संविधान में हम अनुसूचित जाति, जनजाति के उन्नयन के लिए विशेष प्रावधान कर दिया तो इन्हें अब लालच आ गया है। कुड़मी, खुद आदिवासी बनकर हमारे हक को मारना चाहते हैं, जिसे कभी राज्य का आदिवासी समुदाय स्वीकार नहीं करेगा।