कौलेश्वरी मंदिर परिसर में गंदगी का अंबार, सुविधाओं का घोर अभाव
प्रबंधन समिति और प्रशासन की लापरवाही पर उठ रहे सवाल
एबीएन न्यूज नेटवर्क, हंटरगंज/चतरा। विश्व प्रसिद्ध मां कौलेश्वरी मंदिर, जो सनातन, बौद्ध और जैन धर्मों के संगम स्थल के रूप में जाना जाता है, प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार हो रहा है। झारखंड-बिहार के अलावा विदेशों तक प्रसिद्ध यह धार्मिक स्थल हर साल हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है। बावजूद इसके, मंदिर परिसर और आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हर साल मंदिर में हजारों श्रद्धालु पूजा-अर्चना और मुंडन संस्कार के लिए आते हैं। हाल ही में 7205 बच्चों का मुंडन संस्कार किया गया, लेकिन श्रद्धालुओं को पीने के पानी, शौचालय और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी झेलनी पड़ी। खासकर महिला श्रद्धालुओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
मंदिर प्रबंधन समिति लाखों रुपये का राजस्व वसूलती है, लेकिन इन पैसों का इस्तेमाल मंदिर की देखरेख और साफ-सफाई पर नहीं किया जा रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। मंदिर परिसर के इर्द-गिर्द कचरे का ढेर लगा है, जबकि दो प्राकृतिक सरोवर भी बदहाल स्थिति में हैं। सुरक्षा व्यवस्था का भी अभाव है, जिससे श्रद्धालु असहज महसूस करते हैं।
पर्वत के नीचे शराब की बिक्री का आरोप
सूत्रों के मुताबिक, मंदिर से लगे क्षेत्र में अवैध रूप से शराब की बिक्री हो रही है, जिससे धार्मिक स्थल की गरिमा धूमिल हो रही है। प्रशासन की निष्क्रियता से असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं, और मंदिर आने वाले श्रद्धालु असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
क्या कहते हैं मंदिर विकास प्रबंधन समिति के सदस्य
इस मामले में जब मंदिर विकास प्रबंधन समिति के सदस्य अरविंद कुमार केशरी से बात की गयी, तो उन्होंने कहा कि काफी दिनों से मजदूरों की तलाश की जा रही है, लेकिन मिल नहीं रहे हैं। होली के बाद मंदिर परिसर की सफाई करवा दी जायेगी। श्रद्धालु और स्थानीय लोग इस जवाब से संतुष्ट नहीं हैं और मांग कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करे।
लोगों का कहना है कि यदि लाखों की आमदनी हो रही है, तो साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा? प्रशासन और प्रबंधन समिति की इस लापरवाही पर अब सवाल उठने लगे हैं।