टीम एबीएन, लोहरदगा/ रांची। नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक मुखर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पीएम से पत्रकारों और अन्य समाचार पत्र कर्मियों के लिए वेज बोर्ड गठन की मांग की है। उन्होंने कहा है कि वर्ष 2014 में संसदीय चुनाव से पूर्व डॉ मनमोहन सिंह की सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग का गठन किया था।
आपके नेतृत्व में बनी सरकार ने कर्मचारियों के हित में निर्णय लेकर सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया। कुछ दिन पूर्व केंद्रीय केबिनेट ने फिर कर्मचारी हित प्रमाणित करते हुए आठवें वेतन आयोग के गठन की मंजूरी दी है। जल्द ही आयोग अस्तित्व में आयेगा और निर्धारित समय पर कर्मचारियों को नये वेतनमान का लाभ मिलने लगेगा।
वर्ष 2007 में पत्रकारों के वेतनमान निर्धारण के लिए वेज बोर्ड का गठन किया गया था। जिसे मजीठिया वेज बोर्ड के नाम से जाना गया। इस बोर्ड ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट 2008 में और अंतिम रिपोर्ट 2010 में श्रम मंत्रालय को सौंपी थी। सरकार ने 2011 में वेज बोर्ड अवार्ड को अधिसूचित किया था। लेकिन खेद का विषय है कि समाचार पत्र उद्योग में कार्यरत पत्रकारों और गैर पत्रकार कर्मियों के वेतन और सुविधाओं संबंधी सिफारिशें लागू नहीं की।
जहां-जहां अवार्ड लागू भी किया गया सिफारिशों की अनदेखी की गई। वर्ष 2014 में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद भी समाचार पत्र संस्थानों ने इसे ईमानदारी से लागू लागू नहीं किया तथा राज्य सरकारों के श्रम विभागों ने अवार्ड ठीक से लागू करवाने में कोई रुचि नहीं दिखाई। जबकि आपके नेतृत्व में सरकारी कर्मचारियों के वेतन-भत्ते बराबर ठीक से मिल रहे हैं।
अत: नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) के हम पत्रकार गण आपसे विनम्र आग्रह करते हैं कि वेतन आयोग के साथ ही पत्रकारों के वेतनमान और अन्य सुविधाओं के निर्धारण के लिए वेज बोर्ड गठन का संबंधित विभाग को आदेश दें। देश के पत्रकार भी अपेक्षा करेंगे कि उन्हें समुचित वेतन और सुविधाएं मिलें और उन्हें वेज-बोर्ड सिफारिशों का लाभ यथेष्ट लाभ मिले, इसके लिए हम अत्यंत आभारी रहेंगे।
हमारा पूर्ण विश्वास है कि आपकी सरकार हमारे आग्रह को स्वीकार करते हुए श्रम मंत्रालय को यथाशीघ्र वेज-बोर्डों के गठन के लिए निर्देशित करेगी और सत्रह साल बाद पत्रकारों के वेतनमान आदि निर्धारित करने के लिए नये वेज बोर्डों के गठन की अधिसूचना जारी की जायेगी।