झारखंड कांग्रेस की संवाद बैठक में टिकट बंटवारे को लेकर बवाल
संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल नाराज होकर निकले बाहर
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को रांची के डिबडीह सेलिब्रेशन हॉल में पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इसमें कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रदेश प्रभारी गुलाम अहमद मीर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, सीनियर आॅब्जर्वर सांसद गौरव गोगोई, सांसद सुखदेव भगत सहित कई नेता कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बैठक के दौरान केसी वेणुगोपाल ने 25 सीट जीतने का प्रदेश कांग्रेस को लक्ष्य दिया। साथ ही उन्होंने नेताओं को गठबंधन मजबूत करने के लिए टास्क भी दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, टिकट कटने से नाराज कई नेताओं ने उनके सामने नाराजगी जतायी। बैठक में टिकट बंटवारे में भेदभाव का आरोप लगाते हुए हंगामा किया गया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रत्याशियों को टिकट देने में पार्टी ने मनमानी की है। अब 25 सीट हमलोग कैसे जिता सकेंगे।
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार इधर सभी नेता एक-एक कर अपने संबोधन कर रहे थे, लेकिन जैसे ही प्रदेश प्रभारी गुलाम अहमद मीर संबोधन करने पहुंचे तो सामने बैठे नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। बात यहीं नहीं रुकी। जब पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर मंच पर पहुंचे तो उन्हें बोलने नहीं दिया गया और हुटिंग शुरू हो गयी।
इसके बाद केसी वेणुगोपाल जब संबोधन के लिए खड़े हुए तो फिर से पार्टी कार्यकर्ताओं ने बात नहीं सुनने को लेकर नाराजगी व्यक्त की। जिसके बाद के सी वेणुगोपाल ने संक्षिप्त संबोधन कर नाराज होकर बाहर निकल गये। यहां तक कि प्रेस कॉन्फ्रेंस होना था, लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस भी नहीं हुआ और संगठन महासचिव निकल गये।
वहीं बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए झारखंड प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने कहा कि यह जो चुनाव संबंधित जो कमेटी बनी हुई, जिसमें कंप्लेंट कमेटी, मेनिफेस्टो कमेटी, सोशल मीडिया कमेटी होती है और कोआर्डिनेशन वगैरा के लिए जो कमेटी होती है, उन सभी कमेटी की समीक्षा के लिए हमारी बैठक थी। इसके अलावा 2 घंटे अलग से झारखंड के चुनाव के बारे में सारी चीजों पर चर्चा हुई। साथ ही कमेटी मेंबर के साथ संवाद कार्यक्रम हुआ जिसमें सभी ने अपनी अपनी बात रखी। उसके बाद वेणु गोपाल ने सभी को संबोधित किया।
संवाद कार्यक्रम के हंगामेदार होने को लेकर पूछे गये सवाल पर कहा कि एक आदमी था हालांकि उसे बुलाया नहीं गया। वह कार्य करता था, इमोशनल था अपनी बात रखी। समझ में ही नहीं आया कि वह क्या कह रहा था। साथ ही गुलाम अहमद मीर ने कहा कि संगठन प्रभारी ने सभी को मुस्तैद होकर चुनाव में एक जड़ता से लग जाने के कहा। इस चुनाव को जीतने के लिए सारे दिशा निर्देश संगठन प्रभारी ने दिये।