टीम एबीएन, रांची। पालकोट शाहदेव परिवार के पूर्वज कुंवर श्रीनाथ शाहदेव जी की 208वा जयंती रांची बडा तालाब के दक्षिण में स्थित कुंवर श्रीनाथ शाहदेव घाट में मनाया गया। विदित हो कि कुंवर श्रीनाथ शाहदेव ने इस घाट का निर्माण सन 1845 ई0 में क्षेत्र के लोगों के लिए करवाया ताकि वे यहां अपना धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक रीतियों को परिपूर्ण कर सकें।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से एवं कुंवर श्रीनाथ शाहदेव की स्मृति में जलाशय में दीप दान कर किया गया। ऐसे धरोहरों को सम्हालने की बात कही गई, साथ ही बड़ा तालाब अंग्रेजो के द्वारा बंदी बनाये गए स्वतंत्रता सैनानियों के द्वारा बनाया गया था इस बात पे प्रकाश डाला गया कि ये किसी आम कैदियों के द्वारा नही बल्कि राष्ट्रभक्तों ने बनाया, इसका एक अलग महत्व है।
इस घाट का पुनरुद्धार 2021 मे रांची नगर निगम द्वारा कराया गया ताकि रांची शहर की यह प्राचीन धरोहर बची रहे। इस प्राचीन ईमारत की निर्माण शैली भी अद्भुत है जो 179 वर्षों से पानी के ऊपर अडिग खड़ी है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के मानकों के अनुसार यदि कोई भी संरचना या ईमारत सौ वर्षों से अधिक पुरानी हो जाती है तो उसे ऐतिहासिक धरोहर का दर्जा प्राप्त हो जाता है।
विदित हो कि रांची बड़ा तालाब एवं घाट को पालकोट शाहदेव परिवार के पूर्वज नवल किशोर नाथ शाहदेव द्वारा सन 1916 में रांची म्युनिसिपेलिटी को लीज पर दे दिया गया था एवं लीज के शर्तों में बड़ालाल नवल किशोर नाथ शाहदेव ने रांची बड़ा तालाब एवं अपने पुरखे द्वारा निर्मित इस प्राचीन घाट के रख रखाव एवं सुरक्षा का जिम्मा रांची म्युनिसिपेलिटी को सौंप दिया था।
वर्षों से यह घाट उपेक्षित एवं जीर्ण-शीर्ण अवस्था में था। वर्ष 2021 में इस घाट का पुनरुद्धार रांची नगर निगम द्वारा करवाया गया। पालकोट शाहदेव परिवार के सदस्यों ने उनके पुरखे द्वारा बनवाई गई प्राचीन घाट का पुनरुद्धार करने के लिए रांची नगर निगम को धन्यवाद ज्ञापित किया।
पालकोट शाहदेव परिवार से लाल महेंद्र नाथ शाहदेव, हर्षवर्धन नाथ शाहदेव, हेमंत नाथ शाहदेव, समुद्रश्री नाथ शाहदेव, आशुतोष नाथ शाहदेव, कीर्तिमान नाथ शाहदेव, नागदमनी नाथ शाहदेव, यदुनाथ शाहदेव, बद्री नाथ शाहदेव के साथ अन्य लोग उपस्थित रहे।