एबीएन न्यूज नेटवर्क, भंडरा। भंडरा के गडरपो पंचायत अन्तर्गत अमदरी गांव के ग्रामीण पिछले तीन माह से अंधेरे में हैं। तीन तरफ से पहाड़ों से घिरे इस गांव में आंधी तूफान से बिजली के हाई वोल्टेज तार सहित खंभे भी टूट कर बिखर गये थे।
तब से गांव में बिजली नहीं है। लोग अंधेरे में रहने को विवश हैं। विभाग को लगातार सूचना देने के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। बिजली के अभाव में करमा पर्व भी लोगों को अंधेरे में मनाना पड़ा।
गांव के इंद्राज गोप, संतोष उरांव, प्रकाश महतो, जितराम उरांव, देवठान उरांव, कृष्णा महतो, बंधना उरांव आदि ने बताया कि अमदरी से तिलसिरी तक बिजली के सभी खंभे तार सहित आंधी तूफान से टूट कर बिखर गये हैं। इसकी लिखित सूचना विभाग को कई बार दिया गया। लेकिन विभाग द्वारा तार की अनुपलब्धता बता कर गांव को अबतक बिजली से वंचित रखा गया है।
करीब सौ घरों के आदिवासी बहुल इस गांव में बिजली नहीं रहने से लोगों को हमेशा सांप आदि का भय बना रहता है। बच्चों के पढ़ाई लिखाई में भी परेशानी हो रही है। साथ ही लोग देश दुनिया के खबरों से भी बेखबर हैं। मोबाईल चार्ज कराने के लिये भी लोगों को रोजाना दूसरे गांव जाकर घंटों इंतजार करना पड़ता है।
बता दें कि कोरोना काल से पहले भी आंधी तूफान से उक्त बिजली के खंभे टूट गये थे। इससे ग्रामीण करीब चार माह तक बिजली से वंचित हो गये थे। काफी प्रयासों के बाद गांव में बिजली आई थी। ग्रामीणों के अनुसार पहाड़ों से घिरे होने के कारण उक्त क्षेत्र में तूफान की गति काफी तीव्र होती है। क्षेत्र में बिजली के मजबूत खंभों की जरुरत है।