टीम एबीएन, रांची। राँची के प्रेस क्लब में 1 सितम्बर, रविवार को लेखिका मीरा सिंह के प्रथम कहानी संग्रह त्याग की पराकाष्ठा का लोकार्पण वरिष्ठ साहित्यकार अशोक प्रियदर्शी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर राँची विश्वविद्यालय के हिन्दी प्रोफ़ेसर अरूण कुमार, आकाशवाणी के पूर्व निदेशक प्रमोद झा, जानी-मानी लेखिका अनिता रश्मि, कथाकार रीता गुप्ता और शब्दकार की अध्यक्ष लेखिका रश्मि शर्मा और शब्दकार कोर कमिटी के सभी सदस्यों के साथ-साथ शहर के सुधी साहित्यकार मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत सुरिंदर कौर नीलम के सरस्वती वंदना के साथ हुई। सर्वप्रथम शब्दकार की अध्यक्ष रश्मि शर्मा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए मीरा सिंह को उनके प्रथम संग्रह के लिए शुभकामनाएं दी।
मीरा सिंह ने अपना बीज वक्तव्य देते हुए बताया कि उनकी लेखन यात्रा की प्रेरणास्रोत उनकी बेटी सोनल प्रिया है। जिसने आसपास के अनुभवों को कथा का रूप देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस संग्रह को अपने सास श्वसुर को समर्पित किया तथा अपनी शिक्षिका को सम्मानित भी किया।
कहानी संग्रह के बारे में बात करते हुए, श्री अशोक प्रियदर्शी ने कहा कि,मीरा सिंह में लेखन क्षमता है । story is slice of life. उन्होंने संस्मरण और रेखाचित्र में अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि अनुभवों को विस्तार देने की जरुरत है।
अरूण कुमार ने शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इस संग्रह में स्त्रियों के ऐसे चरित्र खड़े किए हैं जो आदर्श स्थापित करते हैं। केवल अनुभव कहानी नहीं होती, अनुभवों के रूपांतरण करते हैं तब कहानी बनती है। प्रमोद झा ने शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि त्याग की पराकाष्ठा स्मृतियों का कोलाज है। इनकी कहानियाँ आत्मकथात्मक रेखाचित्र है।