टीम एबीएन, रांची। सेवा भारती, झारखंड की ओर से सुपोषण भारत अभियान का शुभारंभ रांची के सेवा धाम,जोन्हा के एकलव्य छात्रावास से किया गया साथ ही आरोग्य सेवा केन्द्र में डॉ मनिष ने लोगों की स्वास्थ्य जांच कर पोषण के महत्त्व की जानकारी दी। इसी तरह लोहरदगा जिले के चुन्नीलाल विद्यालय में स्वास्थ्य जांच सह स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
राष्ट्रीय सेवा भारती के न्यासी गुरुशरण प्रसाद ने बताया कि संपूर्ण भारत में कुपोषण के प्रति जागरूक करने की योजना राष्ट्रीय सेवा भारती ने तैयार की है। इस क्रम में सेवा भारती झारखंड के कार्य क्षेत्रों में 1 सितंबर से 30 सितंबर के बीच कोई भी एक सप्ताह निर्धारित करके सुपोषण अभियान पर कार्य करने की योजना बनाई गई है।
सेवा बस्तियां एवं ग्रामों के निवासी पोषण दिवस पर स्वास्थ्य के संबंध में विशेष कर बीमारियों के रोकथाम के बारे में सीखते हैं एवं लोगों को स्थानीय उपलब्ध प्रोटीन युक्त साग सब्जी का सेवन करने का प्रति जागरूक किया जाता है। सुपोषण सप्ताह के माध्यम से लोगों को संतुलित आहार और सही पोषण के महत्व के बारे में जानकारी दी जाती है। ताकि हर व्यक्ति स्वस्थ और सशक्त जीवन जी सके।
सेवा भारती की प्रांतीय सुपोषण भारत आयाम प्रमुख डॉ निधि सहाय ने बताया कि राष्ट्रीय सुपोषण सप्ताह निमित्त माह सितंबर के किसी भी एक सप्ताह में प्रत्येक परिवार में निम्नलिखित पद्धति से प्रतिदिन एक पोषक आहार का सेवन किया जा सकता है।
- 1 सितंबर - एक मुट्ठी रातभर भिगोया हुआ चना और आधी मुट्ठी गुड़
- 2 सितंबर - एक मुट्ठी रात भर भिगोयी हुई मूंगफली
- 3 एवं 4 सितंबर - एक कटोरी अंकुरित पका हुआ अनाज ( मूंग, चना, सोयाबीन बीज, गोटा मसूर, इसमें से कोई भी एक अनाज )
- 5 सितंबर - कोई भी एक हरे पत्ते वाली सब्जी ( पालक , मेथी , चौलाई , मूली , हरा प्याज, इसमें से कोई भी एक )
- 6 सितंबर - एक सलाद ( ककड़ी ,खीरा , मुली , टमाटर , गाजर , चुकंदर ,पत्ता गोभी इसमें से कोई भी एक )
- 7 सितंबर - गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश जी को पसंद है, वह एक चम्मच गुड़ और नारियल (सुख या गीला ) छोटा टुकड़ा
नोट - 1 से 7 सितंबर, इस सप्ताह में चिप्स, चाकलेट, मैगी, नूडल्स, चाउमिन जैसे जंक फूड न खाने का संकल्प लें।