चिकित्सक हत्या मामला
टीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजधानी रांची स्थित राजकीय राजेंद्र आयुर्विज्ञान चिकित्सा संस्थान (आरआईएमएस) के जूनियर चिकित्सकों ने कोलकाता में एक महिला चिकित्सक की दुष्कर्म और उसके बाद हत्या के विरोध में मंगलवार को बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) सेवाओं और गैरजरूरी सर्जरी सेवाओं का बहिष्कार कर आंदोलन शुरू किया। हालांकि इस प्रमुख अस्पताल में आंदोलन कर रहे चिकित्सकों ने आपातकालीन सेवाएं जारी रखीं।
आंदोलनकारी चिकित्सकों ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला चिकित्सक से दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या के मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग की। आरआईएमएस (रिम्स) में जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जेडीए) के अध्यक्ष अंकित कुमार ने बताया, करीब 200 चिकित्सक आंदोलन में शामिल हुए हैं और वरिष्ठ चिकित्सकों ने भी हमारे आंदोलन का समर्थन किया है।
हमने आपातकालीन सेवाओं को विरोध में शामिल नहीं किया हैं, क्योंकि हम नहीं चाहते कि किसी जरूरतमंद मरीज को परेशानी हो। उन्होंने कहा, सीबीआई जांच के अलावा हम कार्यस्थल पर चिकित्सकों की सुरक्षा की भी मांग करते हैं। वहीं चिकित्सकों ने आरआईएमएस परिसर में नारेबाजी की और घटना की निंदा की।
इस बीच, एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल जमशेदपुर, शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल धनबाद, फूलो जानो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल दुमका, शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हजारीबाग और मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पलामू के चिकित्सकों ने मंगलवार की शाम को कैंडिल मार्च निकालने का फैसला किया है। आईएमए जूनियर चिकित्सक नेटवर्क के राज्य सचिव डॉ. राघवेंद्र ने कहा कि कैंडिल मार्च के बाद वह आंदोलन में शामिल होने के बारे में निर्णय लेंगे।