टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 01 /07/2024 दिन सोमवार को रांची विश्वविद्यालय रांची के स्नातकोतर कुड़ुख विभाग में साहित्यकार विजय उरांव मेजयंती सह कुरूख भाषा की योगदान में एकदिवसीय संगोष्ठी आयोजित की गयी। समारोह को संबोधित करते हुए विभागीय अध्यक्ष डॉ नारायण भगत, विजय उरांव के एक कुशल प्रशासनिक अधिकारी होते हुए भी और साहित्य के लिए उल्लेखनीय योगदान किया एक प्रेरणा स्रोत बन गये।
मुख्य वक्ता के रूप में महादेव टोप्पो ने कहां की विजय उरांव ने एक उत्कृष्ट शब्दकोष का निर्माण कर समाज को बहुमूल्य उपहार दिया है जो पीढ़ियों के लिए उपयोगी होगा। संगोष्ठी से पूर्व माल्यार्पण कर शारदा सुमन अर्पित किया गया।
मौके पर शरण उरांव, मेरी एस सुरंग, बंधु भगत, लोहरमैन उरांव, जीत उरांव, डॉ शांति खलखो, दमयंती सिकू, शिव शंकर उरांव, राजकुमार बास्के, प्रताप टोप्पो समेत सैकड़ों छात्राएं उपस्थित हुए। संगोष्ठी का समापन डॉक्टर बंदे खलखो ने किया। मौके पर शिक्षक और विद्यार्थी भी उपस्थित हुए, जिसमें फूलदेव उरांव, रीमा तिग्गा, विनोद टाना भगत, लक्ष्मण उरांव आदि शामिल हैं।