लोहरदगा। नानी बाई रो मायरो कार्यक्रम के द्वितीय दिन भव्य मंच पर भगवान श्रीकृष्ण का पूजन-आरती साहू परिवार के शेफाली साहू, अरुणा साहू, राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू, रोहित साहू, हर्षित साहू, राहुल साहू, वंदना साहू, रुचि साहू, आर्यन साहू एवं इदान साहू ने किया। वहीं राधे-राधे के जयघोष के साथ पूज्या जया किशोरी जी का स्वागत मंच पर किया गया। राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने पगड़ी पहनाकर एवं हर्षित साहू ने अंगवस्त्र प्रदान कर जया किशोरी जी का सम्मान किया। सत्संग का विधिवत उदघाटन मंत्री एवं स्थानीय विधायक रामेश्वर उरांव, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू तथा शेफाली साहू ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। जया किशोरी जी ने भजन ओम् जय जगदीश हरे के बाद जैसे ही राधे-राधे-राधे गोविन्द-राधे का भजन शुरू किया, पूरा जनसैलाब भक्ति-सागर में डूब गया। भक्ति रस में सराबोर लोहरदगा नानी बाई रो मायरो प्रसंग पर कथा सुन ओत प्रोत हो गये। हमारी मातृभूमि में संत महात्माओं का जन्म हुआ। संतों ने अपनी भक्ति भाव से ईश्वर तक को प्राप्त किया। प्रवचन के दूसरे दिन भक्त नरसी की भक्ति पर आधारित कथा में नानी बाई की पुत्री सुलोचना बाई की शादी होने वाली होती है तब अनिच्छा से भक्त नरसी को निमंत्रण पत्र भेजा जाता है लेकिन शर्त होती है कि बिना मायरा के नहीं आना है और मायरा की राशि होती है 56 करोड़ रुपए। ताकि न ही नरसी के पास 56 करोड़ रुपए होगा और वह न ही आयेगा। परन्तु भक्त के वश में है भगवान, स्वयं श्री कृष्ण मायरा पहुंचाने आते हैं।