टीम एबीएन, हजारीबाग। हजारीबाग में एल्युमिनियम गलाने वाली एक फैक्ट्री में विस्फोट की वजह से दो मजदूरों की मौत हो गयी है। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि पूरी फैक्ट्री तबाह हो गयी है। यह फैक्ट्री कटकमदाग थाना क्षेत्र के सिरसी डामोडीह गांव में हैं। मृतक मजदूरों की पहचान रंजीत ठाकुर और सुखदेव साहू के रूप में हुई है।
विस्फोट इतना भयानक था कि फैक्ट्री का छत और दीवार क्षतिग्रस्त हो गयी। स्थानीय लोगों ने कहा कि विस्फोट की आवाज दो किलोमीटर दूर तक सुनायी दी है। यह फैक्ट्री हजारीबाग सरदार चौक निवासी अवध कुमार गुप्ता की है, जो एल्युमिनियम गलाकर नया बर्तन बनाते हैं।
उसे फिर बाजार में बेचा जाता है। मौसम खराब होने के कारण यहां सिर्फ दो ही मजदूर काम कर रहे थे। इस कारण दो मजदूरों की मौत हुई। अगर बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे होते तो बहुत ज्यादा नुकसान हो सकता था।
मृतक रंजीत ठाकुर के भाई ने बताया कि इस घटना को वज्रपात से जोड़ा जा रहा है जो बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा कि उनके भाई की मौत हुई है। फैक्ट्री की स्थिति को देखने से साफ लगता है कि एल्युमिनियम को गलाने के दौरान ही विस्फोट हुआ है। आशंका जतायी है कि गलाने वाले कच्चा माल में जरूर बारूद होगा इसकी वजह से इतना जबरदस्त धमाका हुआ।
विस्फोट की घटना पर वार्ड 23 के वार्ड पार्षद बादशाह राम ने बताया कि इस फैक्ट्री में डामोडी और सिरसी गांव के कई मजदूर काम करते हैं। आज सुबह भी फैक्ट्री खुली और मजदूर काम में लग गये। काम करने के दौरान अचानक विस्फोट हुआ।
संचालक का कहना है कि बिजली गिरने से यह घटना घटी है। लेकिन स्थिति देखने से ऐसा लगता है कि यहां एल्युमिनियम गलाने के दौरान कोई भयानक विस्फोट हुआ होगा। जिससे यह घटना घटी है। उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही भीड़भाड़ वाले इलाके से फैक्ट्री को शिफ्ट करने की भी मांग उठी है।
हेड क्वार्टर डीएसपी राजीव कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे और जानकारी ली। उन्होंने दो लोगों की इस घटना में मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि विस्फोट किस वजह से हुआ, इसकी अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है। इसका खुलासा जांच के बाद ही हो पायेगा।
उन्होंने बताया कि हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दोनों शव का पोस्टमार्टम होने के बाद परिजनों को सौंप दिया जायेगा। इस घटना के बाद फैक्ट्री के आसपास रहने वाले लोगों की वहां भीड़ जमा हो गयी है।