पांकी। पांकी विधायक कुशवाहा डॉ शशिभूषण मेहता ने कहा कि झारखंड की हेमन्त सरकार सिर्फ ट्रांसफर और पोस्टिंग में लिप्त है।झारखंड के अबतक के सबसे विफल सरकार के रूप में यह सरकार जानी जायेगी। इस सरकार में पूरे राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है, चारों तरफ लूट खसोट का आलम है। बिना चढ़ावा के कहीं जनता का कोई काम नहीं हो रहा है। वे शनिवार को झारखंड सरकार की विफलता, पंचायत चुनाव में हो रहे विलंब, जेपीएससी घोटाला जैसी कई ज्वलंत समस्याओं को लेकर पार्टी द्वारा प्रखंड कार्यालय परिसर में आयोजित धरने में बतौर मुख्य अतिथि लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि युवा बेरोजगार दर-दर भटक रहे हैं। सरकार ने हर साल पांच लाख रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन इनके राज में ट्रांसफर पोस्टिंग का उद्योग चल रहा है।कानून व्यवस्था चरमरा गई है।जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है। उन्होंने कहा कि यह सरकार पंचायत चुनाव नहीं कराना चाहती है। चुनाव को टालकर यह सरकार लोकतंत्र का गला घोट रही है और गांव की जनता को उनके अधिकारों से वंचित रखना चाहती है। केंद्र सरकार ने डीजल और पेट्रोल के दामों में कमी की। लेकिन यह निक्कमी सरकार ने एक रुपया डीजल पेट्रोल का दाम नहीं घटाया। राज्य में विकास कार्य पूरी तरह ठप्प है। पदाधिकारी पैसे लेकर युवा लोगों को पेंशन स्वीकृत कर दे रहे हैं और योग्य लाभुक मुंह ताक रहे हैं। इस मामले को मैं विधानसभा के पटल पर रखूंगा। उन्होंने अपने निजी खर्च पर विधानसभा क्षेत्र के 51 जोड़ों की शादी कराने की घोषणा की। भाजपा के ओबीसी सेल के पूर्व प्रदेश मंत्री अजय गुप्ता ने कहा की यह सरकार गरीब विरोधी सरकार है। इस सरकार में गरीब, बेरोजगारों का भला होने वाला नहीं है। किसान बेहाल हैं।किसानों का अगले वर्ष का भी धान का पैसा बकाया है, जिसे सरकार आज तक भुगतान नहीं की। पूरे राज्य में अराजकता की स्थिति है। कार्यक्रम के पश्चात विधायक ने राज्यपाल के नाम प्रेषित बीडीओ को ज्ञापन सौंपा। मौके पर विधायक प्रतिनिधि सुनील गुप्ता, संतु सिंह, रंजय ठाकुर, लोहरसी मंडल अध्यक्ष अरुण सिंह, शत्रुद्धन सिंह, युवा मोर्चा पूर्व अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह, प्रसिद्ध सिंह, सांसद प्रतिनिधि सत्यप्रकाश पाण्डेय उर्फ चुनमुन पांडेय, ओमप्रकाश दुबे, ललन भुईयां, मधु सिंह सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष बाल्मिकी सिंह ने किया, जबकि संचालन मंडल महामंत्री श्यामनंदन ओझा ने किया।