Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
होम देश झारखंड खेल समाचार राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन
झारखंड

फिर मंत्रियों और मुख्यमंत्री का आवास का घेरेंगे पर शिक्षक

शेयर करें: WhatsApp Facebook X
फिर मंत्रियों और मुख्यमंत्री का आवास का घेरेंगे पर शिक्षक
विज्ञापन

फिर आंदोलन करेंगे पारा शिक्षक 

टीम एबीएन, रांची। सहायक अध्यापक शिक्षक नियुक्ति नियमावली गठित होने के बाद भी इसके प्रविधानों के लागू नहीं होने के कारण पारा शिक्षकों में आक्रोश बढ़ रहा है। इसे लेकर पारा शिक्षकों के दो बड़े संघों ने रांची में बैठक कर एक बार फिर आंदोलन की घोषणा की।

इसके तहत विधायकों, मंत्रियों एवं अंत में मुख्यमंत्री के आवास के घेराव का निर्णय लिया। पारा शिक्षकों में मुख्य रूप से अभी तक आकलन परीक्षा नहीं होने, कल्याण कोष और ईपीएफ का लाभ नहीं मिलने और अनुकंपा पर पारा शिक्षकों के आश्रितों को लाभ नहीं मिलने को लेकर निराशा है।

झारखंड राज्य प्रशिक्षित सहायक अध्यापक/पारा शिक्षक संघ ने दो जून को स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग का घेराव करने का निर्णय लिया है। 

इसके बाद 11 जून को झरिया, 17 जून को महागामा, 18 जून को पौड़ैयाहाट, 25 जून को दुमका, 29 जून को मधुपुर, 30 जून को बरहेट तथा दो जुलाई को गुमला में विधायक आवास का घेराव किया जायेगा। इसी तरह 15 जुलाई को रांची स्थित कांग्रेस कार्यालय तथा नौ अगस्त को झामुमो कार्यालय का घेराव होगा।

इसी के साथ चरणबद्ध ढंग से मंत्रियों तथा पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर मुख्यमंत्री के आवास का घेराव होगा। मुख्यमंत्री आवास घेराव में पारा शिक्षक अपने बच्चों के साथ भाग लेंगे। इधर, एकीकृत सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा ने चार जून को सभी मंत्रियाें को मांग पत्र सौंपने का निर्णय लिया है।

इसी के साथ पारा शिक्षक मंत्रियों को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का आमंत्रण पत्र भी देंगे तथा घेराव कार्यक्रम में सम्मिलित होने का अनुरोध करेंगे। मोर्चा ने 17 जून को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का निर्णय लिया है। बैठक में 31 मई तक सभी जिलों में इस आंदोलन को लेकर रोडमैप तैयार करने का निर्णय लिया गया।

बता दें कि झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा आवेदन मंगाने के बाद भी अभी तक आकलन परीक्षा नहीं हो पायी है। इससे गैर टेट उत्तीर्ण पारा शिक्षकों के मानदेय में 10 प्रतिशत की वृद्धि नहीं हो पाई है। 

पारा शिक्षकों का कहना है कि कई पारा शिक्षकों के आकस्मिक निधन के बाद भी उनके आश्रितों को कुछ भी लाभ नहीं मिल पा रहा है, जबकि पूर्व में हुई वार्ता में इनपर अविलंब आदेश जारी करने की बात कही गयी थी।

विज्ञापन