टीम एबीएन, झुमरी तिलैया (कोडरमा)। पति के दीर्घायु जीवन की कामना एवं बालाओं के द्वारा अच्छे वर प्राप्ति को लेकर राजस्थानी समाज का गणगौर पर्व शुक्रवार को भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। मौके पर अग्रवाल समाज, महेश्वरी समाज, मारवाड़ी ब्राह्मण समाज के निवास स्थलों पर सुबह में सामूहिक रूप से ईशर-गौरा (शिव-पार्वती) की पूजा-अर्चना की गयी।
मौके पर ईशर जी तो बांध पैंचो गौरा बाई राज संवरियो राज.., प्यार मिल जाए पिया का प्यार मिल जाये गौरी-शंकर जैसी जोड़ी.. गीत पर कार्यक्रम स्थल गूंजता रहा। देर शाम झुमरीतिलैया के अड्डी बंगला रोड स्थित कीर्तन भवन में नवविवाहिता व कुंवारी कन्याओं ने बड़ी गणगौर से छोटी गणगौर को मिलाया एवं सुख-समृद्धि की कामना की।
मालूम हो कि होली के दूसरे सुबह से गणगौर पर्व शुरू होती है। इसमें खासकर नवविवाहिताएं ससुराल से मायके पहुंचकर इस पर्व में शामिल होती है। ऐसी मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान भोले शंकर को पाने के लिए 18 दिनों तक पूजन व व्रत किया था तभी से गणगौर की परंपरा भी शुरू हुई थी।
महिलाएं इसे आस्था के साथ पूजन करती है। नवविवाहिताएं इस पर्व के जरिए अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती है। वहीं कुंवारी कन्याएं अच्छे वर की कामना करती है। कीर्तन भवन में नवविवाहिता जुटी और संगीतमय भजनों का कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बाद में ईशर-गौरा की बनी मूर्तियों को तालाब व जलाशयों में विसर्जित किया गया।
विसर्जन के समय नवविवाहिता काफी भावुक नजर आयी। मालूम हो कि गणगौर पर्व की समाप्ति के बाद वे अपने-अपने सुसराल चली जायेगी। मौके पर कीर्तन भवन में काठ की बनी ईशर-गौरा की प्रतिमा का शृंगार किया गया।
अड्डी बंगला रोड स्थित कीर्तन भवन में श्रेया शर्मा प्रगति शर्मा मुस्कान जोशी नैना पच्चीसिया प्रगति शर्मा पूजा शर्मा अभी समेत दर्जनों नवविवाहिताएं छोटी गणगौर लेकर परिजनों के साथ पहुंची और कार्यक्रम में शामिल हुई।
नविववाहिताओं ने कहा कि विवाह के बाद लगातार वे 18 दिनों तक गणगौर पूजा की। गत बुधवार और गुरुवार से बड़ी गणगौर से पूजा-अर्चना हुई। वहीं गौर बिदौरा निकाला गया। अंतिम दिन 16 कुओं का पानी ईशर-गौरा की प्रतिमा को पिलाया गया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन भगवती देवी पेड़िवाल, विमला शर्मा, प्रमिला सोमानी, मधु केडिया, चंदा मोदी, उषा शर्मा, संगीता शर्मा, रिंकी शर्मा, सुधा पच्चीसिया, पिंकी खेतान, लक्ष्मी शर्मा, अनीता सोमानी, शालिनी सोमानी, प्रीति पच्चीसिया , उर्मिला फतेसरिया , मंजू देवी, रुकमणी जोशी, सुजाता जोशी, चारुलता चौधरी, पिंकी खेतान, रंजू शर्मा, मंजू शर्मा, अर्चना शर्मा, वंशिका शर्मा ,दीपिका शर्मा आदि उपस्थित हुई। कार्यक्रम के समापन के उपरांत छोटी गणगौर को शहर के विभिन्न जलाशयों में विसर्जन किया गया। मालूम हो कि गणगौर पर्व झुमरीतिलैया में लगभग 80 वर्षों से मनाया जा रहा है। यहां राजस्थान के जयपुर से ईशर-गौरा (शिव-पार्वती) की काठ की मूर्ति मंगायी गयी थी।