टीम एबीएन, कोडरमा। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी की कड़ी निंदा की है। माकपा के राज्य सचिव मंडल सदस्य संजय पासवान ने कहा कि भोजन और आवश्यक वस्तुओं सहित सभी जरूरत के चीजों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। जब देश में महंगाई, बेरोजगारी से लोग पस्त है।
ऐसे समय में मोदी सरकार का यह कदम गरीबों पर क्रूर हमला है। ज्ञात हो कि केन्द्र की भाजपानीत केंद्र सरकार ने बुधवार एक मार्च से घरेलू गैस सिलेंडर में 50 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर में 350 रुपए की बढ़ोतरी कर दिया है। यह वृद्धि लोगों के खर्चों पर और अधिक बोझ बढ़ाएगी। इससे सभी उत्पादों की लागत में वृद्धि होना तय है।
जिसके कारण महंगाई और बढ़ेगी। रसोई गैस का दाम बढ़ने से अधिकतर लोग सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर का उपयोग करना छोड़ देंगे। क्योंकि वे इस दाम बढ़ोतरी को वहन नहीं कर सकते हैं। उज्जवला योजना के तहत पहले से ही 10 प्रतिशत से अधिक लोगों ने पिछले वर्ष एक भी सिलेंडर रिफिलिंग नहीं कराया।
करीब 12 प्रतिशत लोगों ने साल भर में सिर्फ एक सिलेंडर ही रिफिल किया। 56।5 प्रतिशत ने 7 से अधिक सिलेंडरों के न्यूनतम आवश्यक वार्षिक खपत के मुकाबले केवल चार या उससे कम सिलेंडर ही रिफिलिंग किया। इस साल दूसरी बार कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। इससे सभी खाने-पीने की वस्तुओं के दामों पर प्रभाव पड़ना तय है। जिससे कीमतों में और वृद्धि होगी।
सीपीआईएम की झारखंड राज्य सचिवमंडल इस जनविरोधी बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग करता है और आम जनता को भाजपा सरकार की इस जनविरोधी और महंगाई बढ़ाने वाले फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतर कर विरोध करने की अपील करता है।