टीम एबीएन, रांची। हेमंत सरकार बहुत बड़ा मास्टर स्ट्रोक लगाने जा रही है। इसके लिए 11 नवंबर को झारखंड सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। 11 नवंबर को होने वाली सदन की कार्यवाही में स्थानीयता से संबंधित विधेयक पारित किया जायेगा। हेमंत कैबिनेट में पहले ही 1932 का सर्वे खतियान आधारित स्थानीय नीति पर मुहर लग चुकी है। झारखंड में कौन असली झारखंडी और कौन बाहरी है? इसको लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बहुत बड़ा दांव खेलने जा रहे हैं। झारखंड सरकार ने 11 नवंबर को विधानसभा के विशेष सत्र को बुलाया है। विशेष सत्र में 1932 का सर्वे खतियान आधारित स्थानीय नीति संबंधी विधेयक पेश किया जा सकता है। माना जा रहा है कि इस विधेयक पर चर्चा के बाद इसे पारित करने की औपचारिकता भी पूरी कर ली जायेगी। इसके बाद स्थानीय नीति विधेयक को मंजूरी के लिए राजभवन को प्रेषित किया जायेगा। इसी साल 14 सितंबर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में कैबिनेट से 1932 का सर्वे खतियान आधारित स्थानीय नीति पर मुहर लगी थी। अब हेमंत सोरेन ने एक बार फिर से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। सरकार चाहती है कि स्थानीय नीति के बहाने बड़ा सियासी दांव चला जाये।