एबीएन सेंटल डेस्क। कर्नाटक में कोरोना की वजह से पाबंदियों का दौर फिर से लौट आया है। सरकार ने बढ़ते मामलों की वजह से सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है। साथ ही लोगों को अब सार्वजनिक जगहों पर थूकने पर भी जुर्माना भरना होगा। देश में बढ़ रहे कोरोना मामलों और महामारी की संभावित चौथी लहर की आशंका के बीच कर्नाटक सरकार ने यह फैसला लिया है। इससे पहले कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री डॉ के सुधाकर ने कोरोना को लेकर नई एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि लोगों को अनावश्यक सभाओं से बचना चाहिए और सामाजिक दूरी बनाए रखना चाहिए। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की अध्यक्षता में वरिष्ठ मंत्रियों, स्वास्थ्य अधिकारियों और कोविड-19 तकनीकी सलाहकार समिति के साथ एक बैठक में यह निर्णय लिया गया है। कर्नाटक ने इससे पहले 28 फरवरी को कोरोना की वजह से लगाए गए प्रतिबंध को हटा लिया था। हालांकि कर्नाटक सरकार ने यह नहीं बताया है कि लोगों को नियमों का उल्लंघन करने पर कितना जुर्माना भरना पड़ेगा। कोरोना के चलते मास्क फिर से अनिवार्य करने में दिल्ली, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और केरल का नाम भी शामिल है।
कर्नाटक में रविवार को कोविड-19 के 60 नए मामले सामने आए, जिससे राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 39,46,934 हो गई। यह जानकारी राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने दी। कर्नाटक राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने एक बुलेटिन में कहा कि लगभग एक महीने से मृतक संख्या 40,057 पर स्थिर है, क्योंकि इस दौरान किसी भी मरीज की मृत्यु नहीं हुई।
बुलेटिन के अनुसार, 63 लोगों को संक्रमणमुक्त होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जिससे अब तक ठीक हुए मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 39,05,159 हो गई। इलाज करा रहे मामलों की संख्या इस समय 1,676 है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि आज 7,208 लोगों को कोविड रोधी टीके लगाए गए, जिससे अब तक हुए कुल टीकाकरण की संख्या 10.57 करोड़ हो गई है।