- रेड क्रॉस युद्ध के मैदानों से लेकर प्राकृतिक आपदाओं और महामारी तक में सबसे पहले सक्रिय रूप से करती है कार्य : संजय सर्राफ
टीम एबीएन, रांची। झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रांतीय प्रवक्ता सह इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के आजीवन सदस्य संजय सर्राफ ने कहा है कि हर वर्ष 8 मई को विश्व रेडक्रॉस दिवस मनाया जाता है। यह दिन रेडक्रॉस संस्था के संस्थापक जीन हेनरी ड्युना की जयंती के रूप में मनाया जाता है, जिन्होंने इस वैश्विक मानवतावादी संगठन की स्थापना की थी।
रेडक्रॉस दिवस का उद्देश्य विश्वभर में मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वतंत्रता, सेवा, एकता और सार्वभौमिकता जैसे मूल्यों का प्रचार-प्रसार करना है। रेडक्रॉस एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो युद्ध, आपदा या किसी भी मानवीय संकट की घड़ी में पीड़ितों की सहायता करता है। इसका उद्देश्य केवल राहत पहुंचाना नहीं, बल्कि एकजुटता और मानवीय गरिमा की रक्षा करना भी है।
यह संस्था युद्ध के मैदानों से लेकर प्राकृतिक आपदाओं और महामारी तक में सबसे पहले सक्रिय रूप से कार्य करती है। रेडक्रॉस दिवस पर विश्वभर में विभिन्न जागरूकता अभियान, रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच शिविर और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। भारत में भी भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी इस दिन को बड़े उत्साह के साथ मनाती है और लोगों को स्वैच्छिक सेवा हेतु प्रेरित करती है।
रेडक्रॉस का लाल क्रॉस का प्रतीक एक वैश्विक संकेत बन चुका है, जो सहायता और उम्मीद का प्रतीक है। यह उन सभी स्वयंसेवकों और कार्यकतार्ओं को सम्मान देने का दिन है जो बिना किसी स्वार्थ के जरूरतमंदों की सहायता करते हैं। इस वर्ष रेडक्रॉस दिवस की थीम मानवता को जीवित रखना रखी गयी है, जो यह संदेश देती है कि चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों, मानवता को जीवित रखना ही हमारा परम कर्तव्य है।
आज के समय में जब दुनिया विभिन्न संकटों से गुजर रही है-चाहे वह युद्ध हो, महामारी हो या जलवायु परिवर्तन-रेडक्रॉस की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। यह संगठन एक उदाहरण है कि जब मानव सेवा को सर्वोपरि रखा जाए, तो असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।आइए इस रेडक्रॉस दिवस पर संकल्प लें कि हम भी अपने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभायें और जरूरतमंदों की मदद के लिए सदैव तत्पर रहें। यही सच्ची मानवता है।