इनमें एक नाबालिग है बाकी के नाम इरफान, अरबाज, असलम, रज्जाक, मुबारक खान और इमरान खान है
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अजमेर में पिछले दिनों 11वीं क्लास की लड़की के साथ हुए गैंगरेप के मामले में अब तक 7 लोग गिरफ्तार हो चुके है। इसमें तीन को पुलिस ने शिकायत दर्ज होने के तुरंत बाद गिरफ्तार किया था। वहीं 4 की गिरफ्तारी 17 पुलिसकर्मियों की एसआईटी टीम गठित होने के बाद हुई थी।
बता दें कि ये मामला अजमेर के क्रिश्चियनगंज थाना का था। एक 11वीं क्लास की लड़की के पिता की शिकायत पर पता चला था कि इंस्टाग्राम के जरिए इरफान ने लड़की को फँसाया और फिर उसका गैंगरेप करके, उसकी वीडियो बनकर उसे ब्लैकमेल करते हुए लाखों रुपये लूटे। पिता ने ये भी बताया था कि उनकी बेटी को उसकी एक सहेली ने इरफान से दोस्ती करने का दबाव बनाया था। उसी के बाद वो इस पूरे जाल में फंसी।
अब पुलिस द्वारा आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ है कि सारे आरोपित मिलकर गैंग चला रहे थे। इनका टारगेट एक समुदाय की लड़कियां थीं।। एसपी देवेंद्र कुमार बिश्नोई ने भी कहा है कि अब तक की जांच में संगठित गिरोह की लिप्तता सामने आयी है।
इनके जेहादी मिशन की तफ्तीश चल रही है। ये गिरोह कई लड़कियों के संपर्क में थे। इनके फोन से अश्लील कमेंट्स, रील्स और अश्लील वीडियो एक दूसरे को भेजने के सबूत मिले हैं। ये भी सामने आया है कि यये आरोपित एक दूसरे के रिश्तेदार हैं।
पुलिस ने ये भी बताया है कि आरोपितों को पोर्न देखने की और नशा करने की आदत थी। पुलिस इनसे इनके नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही है। वहीं प्रशासन ने कहा है कि गैंगरेप के आरोपितों की संपत्ति पर बुलडोजर चलाने से परहेज नहीं किया जायेगा। अभी जांच हो रही है।
आरोपितों ने अपने मोबाइल से डेटा को गायब कर दिया है, पुलिस डेट रिकवर करने की कोशिस कर रही। वहीं छानबीन और पुलिस पूछताछ से ये साफ हो गया है कि ये लोग इंस्टाग्राम के जरिए लड़कियों को फंसाते थे और फिर उन्हें अपने जाल में फंसाकर उनका यौन शोषण करते थे।
बाद में उनके पैसे ऐंठते थे। छानबीन से ये भी पता चला है कि ये सारे आरोप कई लड़कियों के संपर्क में थे। इसके अलावा ब्लैकमेल कांड के ये भी सामने आया है कि आरोपितों में कांग्रेस के पूर्व पार्षद के नाते-रिश्तेदार और गांव निवासी भी शामिल हैं। गैंगरेप की घटना सामने आने बाद इस मामले में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। भाजपा के जिलाध्यक्ष रमेश सोनी ने भी इस मामले में गहनता से जांच की मांग की है।
उन्होंने आशंका जतायी है कि ये अजमेर 1992 जैसा कांड को दोहराने का प्रयास हो सकता है। मामले में विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ कहा कि अजमेर में ब्लैकमेल कांड की पुनरावृत्ति होने नहीं दी जाएगी। आरोपित चाहे कितने भी प्रभावशाली हों, उन्हें बख्शा नहीं जायेगा। उन्होंने अभिभावकों को कहा है कि बच्चों का खास ध्यान रखें।