टीम एबीएन, रांची। वाईएमसीए रांची ने मंगलवार को गढ़ा टोली केंद्र में घरेलू हिंसा विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। वाईएमसीए रांची के सह सचिव नवीन बाखला ने इस मौके पर उपस्थित विभिन्न मुहल्लों से आए तमाम महिला व युवतियां तथा अन्य को संबोधित करते हुए सेमिनार के विषय पर प्रकाश डाला। श्री बाखला ने कहा कि घरेलू हिंसा आज के आधुनिक दौर में फैली वह सामाजिक बुराई है जिसका सामना हम दशकों से करते आ रहे हैं और यह हिंसा केवल शारीरिक तौर पर नहीं होता बल्कि उसके साथ-साथ भावनात्मक व मौखिक आर्थिक तथा यौन शोषण के रूप में भी होता है जिससे महिला वर्ग के साथ-साथ बच्चे बुजुर्ग पुरुष सभी पीड़ित हैं उन्होंने यह भी कहा कि घरेलू हिंसा का शिकार पीड़ित व्यक्ति पर इसका बहुत नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उसका आत्मबल और मनोबल कमजोर पड़ जाता है और कई बार आत्महत्या जैसे कड़े कदम उठा लेते हैं। इन सब से बचने के लिए हमें एक अच्छा पड़ोसी बन कर अपने पड़ोसी की मदद करनी चाहिए। अपने बच्चों को सबका सम्मान व आदर करना सिखाएं।
अंत में मुख्य वक्ता बतौर सुझाव देते हुए कहा कि हिंसा की घटना होने पर नि:संकोच कानूनी सहायता लें। जहां अपराधी को 3 साल तक की सजा और रु. 20000 जुर्माना या दोनों ही हो सकते हैं। सेमिनार में पुरुषों के अलावा महिलाएं भी 40 से अधिक की संख्या में सेमिनार में हिस्सा लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय कमेटी के सदस्यगण महिला मंडल और युवा दल के सदस्य घन का संपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम में वाईएमसीए सामुदायिक विकास कार्यक्रम के प्रोजेक्ट को-आॅर्डिनेटर, समाज सेवक मुमताज कुरैशी, फेकना अंसारी, मोहम्मद मुस्तफा, मोहम्मद जसीम और कायल कुरैशी ने अपनी उपस्थिति दर्ज करा कर सेमिनार को सफल बनाने में संपूर्ण योगदान दिया। धन्यवाद ज्ञापन फेकना अंसारी ने व संचालन प्रोग्राम कोआॅर्डिनेटर मोहम्मद मिनहाज ने किया।