- दिनांक 11.06 से 15.06.2026 तक पावन प्रज्ञा पुराण कथा एवं नौ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ रांची शहर के हरमू हाउसिंग कॉलोनी के मदर टेरेसा पार्क में कार्यक्रम का आज चौथा दिन रहा
- प्रज्ञा पुराण कथामृतम युग स्रष्टा ऋषि की अमृत वाणी है : संतोष कुमार संगम
एबीएन सोशल डेस्क। रविवार को सुबह यज्ञीय अनुष्ठान विधान में संगतिकरण, सामाजिक समरसता,पर्यावरण की शुद्धि, उत्तम मानसिक स्वास्थ्य,श्रेष्ठ व्यक्तित्व आदि हेतु, शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिनिधि टीम द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार व गुरुवंदना पाठ से शुभारंभ हुआ। यज्ञ में करीब तीन सौ श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, दो पाली में आहुति प्रदान की गई।
परिजनों में जन्मदिन, पुंसवन नामकरण संस्कार, एक दर्जन से ज्यादा बच्चों के विद्यारंभ संस्कार, अन्नप्राशन संस्कार, दो दर्जन गायत्री महामंत्र दीक्षा संस्कार आदि हुए। आज भी नेत्र जांच व चिकित्सा शिविर का आयोजन नि: शुल्क रखा गया था, जिसमें सौ से अधिक श्रद्धालुओं ने इस सेवा का लाभ उठायें।
पर्यावरण संवर्धन हेतु महायज्ञ में आयें हुए सभीश्रद्धालुओं को एक-एक वृक्ष पौधे भेंट रूप में गायत्री परिवार के भाई-बहन द्वारा प्रदान किया गया। गायत्री परिवार के सौजन्य से बीपी एवं शुगर चेकअप कैंप और होम्योपैथी चिकित्सा शिविर नि:शुल्क लगाया गया था। साहित्य पटल पर युग साहित्य की खरीद में अच्छी तादाद रही।
कार्यक्रम में शाम 5 बजे से 9 बजे तक संगीतमय पावन प्रज्ञा पुराण की कथा का चौथा दिन था। महामनीषी समाधानी पिप्पलाद व श्वेतकेतु संवाद अंतर्गत विचार संयम, विचार क्रांति पर आज कथामृतम आयोजन में परम्पराओं की तुलना में विवेक का प्रयोग, साधना,स्वाध्याय, संयम सेवा तथा गुरुवरश्रीपूज्यवर द्वारा सन्1958 का प्रथम हजार कुण्डीय महायज्ञ संपन्न में शिष्यों को किस तरह का निमंत्रण पत्र भेजकर बुलाया , चर्चा हुई।
प्रज्ञा पुराण कथामृतम अध्याय में अजस्र अनुदान उपलब्धि, तत्व चिन्तन,परिवार खण्ड, परिवार निर्माण व गृहस्थ जीवन, वसुधैव कुटुंबकम, आस्था संकट स्थिति, निकृष्ट चिन्तन-निवारण पर प्रकाश डाला गया।साथ ही एक बार गुरुदेव श्री व देवराहा बाबा का एक रहस्यमय संवाद पर गहन चर्चा, सदगुरु, सद्ज्ञान, सद्भाव, संवेदना, सद्विचार, सदग्रंथ पर, देव दक्षिणा में एक बुराई छोड़ने व एक अच्छाई ग्रहण का संकल्प, अंशदान समयदान, उपासना साधना के नियम संयम और स्वस्थ-सुखद जीवन विषय रहे। उक्त जानकारी प्रज्ञा पुराण कथा एवं नौ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ आयोजक मंडल, अखिल विश्व गायत्री परिवार गायत्री शक्तिपीठ सेक्टर-२ धुर्वा रांची के जय नारायण प्रसाद और कुणाल कुमार ने दी।