टीम एबीएन, रांची। संपूर्ण सृष्टि की ज्वलंत समस्याओं का मूल कारण आध्यात्मिक दरिद्रता है। दरिद्र मन वाला व्यक्ति समाज, राष्ट्र और विश्व के लिए बोझ है। ब्रह्माकुमारी संस्थान आध्यात्मिक सम्पन्नता के लिए विशेष कार्य कर रहा है। दीपावली का प्रकाश पर्व भी अन्दर की दरिद्रता समाप्त करके ज्ञान, गुण और शक्तियों की सम्पन्नता लाने का संदेश देता है। यह उद्गार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय चौधरीबगान, हरमू रोड के प्रांगण में आयोजित दीपोत्सव समारोह में सतयुग के श्री लक्ष्मी नारायण के ताजपोशी की चैतन्य झांकी के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके उद्घाटन करते हुए डॉ अभिषेक, नेत्र रोग विशेषज्ञ ने व्यक्त किये।
डॉ शांति हेल्थ डिपार्टमेंट झारखंड सरकार ने कहा जीवन में ज्ञान जागृति न होने से ही मनुष्य तनाव में है। मिथ्या समझ के कारण समाज में ये गलतियां हो रही है। ईश्वरीय ज्ञान का प्रकाश ही स्वच्छता और पारदर्शिता लायेगा।
इफको मानव संसाधन विभाग के प्रबंधक संजय कुमार सहाय ने कहा ईश्वरीय ज्ञान से जागृत आत्माओं के सम्पूर्ण प्रकाश में अत्याचार, शोषण व भ्रष्टाचार जैसी काली प्रवृतियां समाप्त हो जायेगी व विश्व के कोने-कोने में शांति, प्रेम व भाईचारे के भावनाएं जागृत होंगी।
जगनाथपुर मंदिर न्यास के उपाध्यक्ष अशोक नारसरिया वर्तमान समय का मानव धन दौलत की लिप्सा में आत्मा के दिव्य तेज को नष्ट कर रहा है। ज्ञान योग के बल से आलोकिक मानव ही उच्च आध्यात्मिक स्थिति से वैभवशाली बन देवई स्वराज्य की स्थापना करेंगे।
झारखण्ड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री संजय सर्राफ ने कहा निर्विकारी बन सदा जागती ज्योति शिव से आत्म दीप जगा कर ही हम सच्ची दीपावली मना सकते हैं। सदानंद नस्कर डीएजी उपमहालेखाकार ने कहा ईश्वरीय विश्व विद्यालय सम्पूर्ण पवित्रता का ऐसा प्रकाश स्तम्भ है जिसके प्रकाश से हर मानव अपने जीवन का अंधकार हटा सकता है।
कौशल राजगढ़िया अधिवक्ता ने कहा कि अब इस धरा को जगमग करने के लिए परम ज्योति निराकार परमात्मा का अवतरण हुआ है। सर्व अनिष्टों से निवृति उनसे योग लगाकर ही हो सकती है। स्वामी मुक्तस्थ योग विशेषज्ञ ने कहा दीप प्रज्ज्वलित कर हम ज्ञान धन की कामना करते हैं ताकि अज्ञान का तम: जिंदगी से चला जाय। मारवाड़ी युवा मंच समर्पण शाखा की अध्यक्ष पूजा अग्रवाल ने कहा अलौकिक प्रकाश से संपन्न आत्माएं कभी किसी के मन को पीड़ा नहीं दे सकती।
रश्मि जायसवाल ब्रांड इवेंट उपप्रबंधक ने कहा भारत देश पूर्व की भांति अब फिर से शिरोमणि और जगद्गुरु का स्थान प्राप्त करेगा और इसी भारत देश से ईश्वरीय अध्यात्म की दैदीप्यमान किरणें संपूर्ण भू-मंडल को प्रकाशित करेंगी।
केंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने ब्रह्माकुमारी संस्थान के लिए दीपावली के दिन का महत्व बताते हुए कहा इसकी स्थापना सन् 1937 में दीपावली के दिन ही की गयी थी। आज से पांच हजार वर्ष पूर्व खुशियों के दीपक जलते थे।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रदीप गुप्ता प्रोफेसर गोस्सनर कॉलेज, डॉ प्रोफेसर रानी प्रगति, एसएस मेमोरियल कॉलेज, अनुराधा सर्राफ ने भी अपने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में गाईडेड मेडिटेशन ने राजयोग का अभ्यास कराया। समारोह में भारी संख्या में लोग उपस्थित थे। सबने आने वाले समय में आत्मदीप जाग्रत रखने का संकल्प लिया। ज्ञातव्य हो कि ब्रह्माकुमारी केंद्र में ज्ञान प्रकाश हेतु नि:शुल्क प्रशिक्षण प्रतिदिन प्रात: 7 बजे से 10 बजे तथा सन्ध्या 5 से 6.30 बजे तक दिया जाता है। उक्त जानकारी केन्द्र प्रशासिका ब्रह्माकुमारी निर्मला ने दी।