हम स्वयं को बदलें, युग प्रवाह को पलटें, प्रवाह में न बहें... विषय पर स्वाध्याय पाठ किया : गायत्री परिवार
एबीएन सोशल डेस्क। अखिल विश्व गायत्री परिवार एवं युगतीर्थ शांतिकुञ्ज के संस्थापक, युगप्रवर्तक, मार्गदर्शक गुरुसत्ता परम पूज्य गुरुदेव वेदमूर्ति-तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी की जयंती बड़े उत्साह उल्लास व आनंदमय वातावरण में गायत्री साधक-शिष्य व भाई-बहनों ने अपनी आवासीय तपोवन, गायत्री शक्तिपीठ, प्रज्ञापीठ, चरण पीठ और प्रज्ञा मंडल महिला, मंडल प्रतिनिधित्व इकाइयों में विधिवत पूजन-अर्चन, यज्ञ, जप- अनुष्ठान विधान से मनायी।
कई साधक-शिष्यों ने गुरुवर श्रीपूज्यवर का वास्तविक जन्म हिन्दी कैलेंडर तिथि आश्विन कृष्ण त्रयोदशी तथा बहुतों ने अंग्रेजी दिनांक 20 सितंबर इन दोनों दिवसों को श्रद्धा-सामीप्य में मनाया। साथ ही इस महती अवतारी चेतना स्वरूप प्रज्ञावतार युगपुरुष, नवयुग सृजक, युगद्रष्टा के जन्म दिवसोत्सव, मालवीय जी द्वारा गायत्री महामंत्र से दीक्षित, यज्ञोपवित धारण तथा आगे वसंतोत्सव पर्व पर घटित विशिष्ट उनके आध्यात्मिक सद्गुरुदेवजी के प्रकाशपुंज रूप साक्षात्कार में पूर्व के 3 जन्मों का साथ व पहचान, इस जन्म में भी मार्गदर्शन, दिशानिर्देश, दिव्य अखंड ज्योति प्रज्ज्वलन, 24-24 लाख का महा पुरश्चक्रण श्रृखला सहित तपश्चर्या, स्वतंत्रता संग्राम संलग्नता व जेल यात्रा भागीदारी और निर्धारित युग निर्माण, नव युग का मैनिफेस्टो स्वरूप सत्संकल्प पाठ, लाल मशाल, प्रज्ञा अभियान, विचार क्रांति, अभियान संबंधित प्रतिपादित सूत्र आध्यात्म तत्वदर्शन, उनके भारतीय धराधाम पर सद्गुरु रूप में अवतरण, ईश्वरीय अनुशासन को जीवन में अनुकरण, 3 हजार से अधिक पुस्तक लेखन, 4 हजार से अधिक शक्तिपीठों का स्थापन, सारी विश्व वसुधा को धर्म- अध्यात्म से अनुप्राणित करने, सबको योगमय व यज्ञमय जीवन जीने की कला पर विश्वास दृढ़ कराने के सूत्र आदि वृतांत स्मरण कर गहन चर्चाएं की गयी।
टाटानगर शक्तिपीठ भालूबासा गायत्री ज्ञान मंदिर नवयुग दल व महिला मंडल प्रतिनिधित्व ने गुरुदेव की अवतरण जयन्ती मनाने का समाचार बताया और स्वस्थ-सुखद जीवन व प्रगतिशील वातावरण विस्तार तथा उज्ज्वल भविष्य की मंगलमय मनोरथ कर गुरुदेव श्री के चरणों में नमन-वंदन किये। उक्त जानकारी वरिष्ठ-साधक एवं प्रचारक प्रसारक जय नारायण प्रसाद ने दी।