सभी को अपनी संपूर्ण ऊर्जा के साथ प्रभु का सुमिरन करना चाहिए
एबीएन सोशल डेस्क। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन के द्वारा अग्रसेन पथ स्थित अग्रसेन भवन में चल रहे भागवत कथा के तृतीय दिवस में भागवत कथा की वक्ता मां चैतन्य मीरा ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा या श्री राम कथा का श्राद्ध पक्ष में श्रवण करने से अत्यधिक लाभ होता है। इससे हम अपने पितरों को शांति और प्रभु के चरणों में स्थान दिलाते हैं। जिससे वह प्रसन्न होते हैं और हमें आशीर्वाद देते हैं।
आज हमारा दायित्व है कि हम हमारे बड़े बुजुर्ग या परिवार के कोई भी सदस्य जो शरीर को छोड़ चुके हैं उन्हें इन कथाओं के माध्यम से उनके दोष और विकारों को दूर करके उन्हें प्रभु के बैकुंठ धाम में निवास दिलवाएं जब हम इस प्रकार की कथाएं सुनते हैं तो इससे न केवल आध्यात्मिक रूप से हमारे जीवन का विकास होता है बल्कि इनके माध्यम से हम अपने नित्य जीने की कला को भी सीखते हैं।
किस प्रकार से मनुष्य का मनुष्य से प्रेम, मनुष्य का जीवों से प्रेम होता है यह श्रीमद् भागवत कथा हमें सिखाती है। कथा के माध्यम से गुरु मां ने बताया कि कई संत ऐसे हैं जो सिर्फ श्रीमद् भागवत को अपना आराध्य मानते हैं। क्योंकि श्रीमद् भागवत कथा ही है जो हमें श्री कृष्ण से मिलाती है और श्री कृष्ण अपनी आराध्या राधा रानी के बिना अधूरे हैं इसीलिए कथा को श्रवण करने से ही हम श्री कृष्ण और राधा को पा सकते हैं ।
परंतु कथा को श्रवण करने के कुछ नियम है, उन नियमों का पालन करके संतों ने हरी को पा लिया। यदि हम भी सहज भाव से कथा को श्रवण करें तो हम वास्तविकता में प्रभु को समझ सकते हैं। जिस प्रकार कृष्ण ने उद्धव को बताया की जो भी मुझे स्मरण करेगा या जो भी मुझे पाना चाहेगा उसका एकमात्र साधन श्रीमद् भागवत होगा।
कथा के अंत में मां चैतन्य मीरा ने बताया कि सभी को अपनी संपूर्ण ऊर्जा के साथ प्रभु का सुमिरन करना चाहिए ताकि हम इस कथा के माध्यम से इसकी महिमा को अपने जीवन में उतारकर समाज का कल्याण कर सके। गुरु मां ने उनके द्वारा चलाए जा रहे हैं देश के प्रतिष्ठित नेचुरोपैथी आयुर्वेद हॉस्पिटल और रिट्रीट सेंटर के बारे में भी बताया जहां पर बिना दवाई के मसाज थेरेपी, हाइड्रोथेरेपी, मडथेरेपी, ओजोनथेरेपी, योग, फिजियोथैरेपी, एक्यूप्रेशर, डाइट थेरेपी, स्टीम और जकूजी के माध्यम से अनुभवी डाक्टर और उनकी टीम के द्वारा लोगों का सफल इलाज किया जाता है।
कथा में मारवाड़ी महिला मंच रांची शाखा की ओर से राधा रानी शिक्षा कोष प्रारंभ किया गया जिसमें मंच की सदस्य अनीता गुप्ता जी की पोती झलक गुप्ता ने अपनी गुल्लक को फोड़ कर सबसे पहले सहयोग किया इसमें मंच की महिलाओं के द्वारा 51000 का सहयोग प्रारंभ में जोड़ा गया। इस कोष के प्रभारी प्रभाकर जी अग्रवाल ने बताया कि इस कोर्स के माध्यम से उन गरीब कन्याओं की शिक्षा की व्यवस्था की जायेगी, जो कहीं ना कहीं शिक्षा के अभाव में पीछे रह जाती है और इस कारण ज्ञान होने के बाद भी उनका भविष्य खराब हो जाता है।
कथा में झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल, महामंत्री विनोद कुमार जैन, वरीय उपाध्यक्ष ललित कुमार पोद्दार, संकटमोचन बालाजी परिवार की ओर से सुनयना लॉयलका का, लालचंद बगड़िया एक्युप्रेशर संस्थान से रमाशंकर बगड़िया, झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री एवं प्रवक्ता संजय सर्राफ, दीपशिखा संस्थान से सुधा लीला और मंजू गुप्ता, पूर श्री संस्थान से प्रियंका जालान और रश्मि कनोई का व्यास पीठ से सम्मान किया गया कथा के अंत में समिति के सदस्यों के द्वारा आरती की गई और प्रसाद का वितरण किया गया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में रूपा अग्रवाल, अनसूया नेवटिया, अलका सरावगी, मधु सर्राफ, उर्मिला पाड़िया, नैना मोर, प्रीती बंका, मंजू केडिया, बीना मोदी, रीना सुरेखा, बीना बूबना, प्रीती पोद्दार, शोभा हेतमसरिया, मीरा टिंबरेवाल, करुणा अग्रवाल, सीमा टॉटीया, प्रीती अग्रवाल, मीना अग्रवाल, रेनू राजगढ़िया पूनम टेकरीवाल, रेखा अग्रवाल, छाया अग्रवाल, सीमा पोद्दार, सुनैना लॉयलका, प्रीति फोगला, रीता केडिया, शशि डागा, सरिता मोदी, प्रीति केडिया, बबीता नारसरिया, जय बिजावत, सुषमा पोद्दार, मंजू गाड़ोदिया आदि बहनें शामिल थी। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी रीना सुरेखा ने दी।