बाल विवाह समाज के लिए अभिशाप : अश्विनी तिवारी
टीम एबीएन, झुमरी तिलैया। आदर्श मध्य विद्यालय कोडरमा में बाल विवाह निषेध जागरूकता अभियान के तहत कम उम्र में विवाह नहीं करने का शपथ प्रधानाध्यापक अश्विनी तिवारी ने विद्यालय के बच्चे एवं बच्चियों को दिलायी। प्रधानाध्यापक श्री तिवारी ने संबोधित करते हुए बताया कि लड़कियों के विवाह का न्यूनतम उम्र 18वर्ष एवं लड़कों के विवाह का उम्र 21 वर्ष है। इससे कम उम्र में विवाह कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है।
कम उम्र में विवाह होने से लड़के एवं लड़कियों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। कभी कभी तो प्रस्वावस्था में लड़कियों की मौत भी हो जाती है। कम उम्र में विवाह होने से लड़कियों एवं लड़कों की पढ़ाई भी प्रभावित हो जाता है एवं रोजगार के अवसर का समुचित लाभ नहीं मिल पाता है। कम उम्र में विवाह के कारण जनसंख्या में वृद्धि एवं इसके कारण रहन सहन, संतुलित भोजन शिक्षा, स्वास्थ्य इत्यादि कई तरह की भी समस्याएं उत्पन्न हो जाती है।
उन्होंने कहा कि बाल विवाह समाज के लिए अभिशाप है। किसी भी स्थिति में कम उम्र में विवाह नहीं करनी चाहिए। कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति की अध्यक्षा प्रीती कुमारी वर्मा, उपाध्यक्ष पिंटू साव, सदस्य पूजा कुमारी, राधा यादव, छाया देवी, शिक्षक रजनी कुमारी, ईरशाद आलम, संजीत भारती, मंटू कुमार, प्रदीप कुमार सहित कई बच्चे मौजूद थे।