Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
लाइव: 40
होम ई-पेपर देश झारखंड खेल समाचार राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन
समाज

कौशल किशोर जायसवाल ने वर वधू के साथ बारातियों को उपहार स्वरूप दिया पौधा

शेयर करें: WhatsApp Facebook X Back to ePaper
कौशल किशोर जायसवाल ने वर वधू के साथ बारातियों को उपहार स्वरूप दिया पौधा
विज्ञापन

पर्यावरणविद् कौशल ने की नयी पहल की शुरुआत

एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर/ पलामू। पर्यावरण संरक्षण अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह वनराखी मूवमेंट के प्रणेता कौशल किशोर जायसवाल ने नयी पहल की शुरूआत की है। कौशल ने शादी विवाह में उपहार के रूप में वर वधु को पौधा देने का काम कर रहे हैं। इसके साथ ही वर वधु को पौधा लगाकर उसे बचाने का आग्रह कर रहे हैं। कौशल का कहना है कि वर वधु द्वारा लगाया गया पौधा जितना हरा भरा रहेगा वर वधु का दांपत्य जीवन उतना ही खुशहाली से भरा होगा। 

पर्यावरणविद् कौशल रविवार को गढ़वा जिले के मेराल में आनंद प्रसाद जायसवाल एवं उमा देवी की पुत्री सिंपल जायसवाल की शादी डंडई के कपिल प्रसाद जायसवाल एवं उषा देवी के पुत्र राजू प्रसाद जायसवाल की शादी में शामिल विश्वव्यापी पर्यावरण संरक्षण अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष  व राखी मूवमेंट के प्रणेता पर्यावरणविद ट्री मैन डॉ कौशल किशोर जायसवाल ने वर -वधु व बरातियों  को आशीर्वाद स्वरूप हिमाचल के कपूर व आम के पौधे देकर उनके सफल वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दी। 

उन्होंने कहा कि यदि परिवार में सदस्यों की संख्या बढ़े तो उन्हें स्वस्थ रहने के लिए शिव के समान वृक्ष का होना जरूरी है। उन्होंने दंपति को सुखद जीवन की कामना करते हुए कहा कि बारातियों को दहेज में कुछ मिले या न मिले  लेकिन उन्हें पौधा मिलना अति जरूरी है। उन्होंने बर -बधू के नाम पर पर्यावरण धर्म के प्रार्थना के साथ पौधारोपण कर उपस्थित लोगों को  पर्यावरण धर्म के आठ मूल ज्ञान मंत्रों की शपथ भी दिलाया। 

उन्होंने कोरोना काल का  जिक्र करते हुए कहा है कि धरती और ब्रह्मांड के 84 लाख योनि जीवन की जीने के लिए सबसे जरूरी आक्सीजन होता है। आक्सीजन किसी फैक्ट्री का उत्पाद नहीं है। इसके लिए पौधा लगाना होता है। पर्यावरण धर्म गुरु कौशल ने कहा कि आप हर संपत्ति को अर्जित कर सकते हैं परंतु शुद्ध हवा नहीं। बीमारी से बचने के लिए हर व्यक्ति को चाहिए कि अपना धर्म के साथ-साथ पर्यावरण धर्म के  आठ मूल ज्ञान मंत्रों को अपने जीवन में उतारने का अथक प्रयास करना चाहिए। 

इस मौके पर सत्येंद्र  जायसवाल, सुचित जायसवाल, नीरज जायसवाल, दीपशिखा देवी, निखिल जायसवाल, आभा देवी, विभा देवी, पूजा देवी, मंजू देवी, रंजू देवी, अंजू देवी, संजय प्रसाद, रिंकी देवी, मनोज प्रसाद, रामसागर प्रसाद, राजेंद्र प्रसाद, महेंद्र प्रसाद, अनुज प्रसाद विनोद प्रसाद सहित कई लोग मौजूद थे।

विज्ञापन