टीम एबीएन, रांची। ख्रीस्तीयों ने आज अपने मृतजनों को याद किया और उनके लिए प्रार्थनाएं की। कैथोलिक विश्वासी प्रत्येक वर्ष 02 नवंबर को कब्र पर्व मनाते हैं और मृतजनों की आत्मा शांति के प्रार्थना करते हैं। इसी अवसर पर आज रांची टमटमटोली में स्थित कब्र स्थान पर कैथोलिक विश्वासी इकट्ठे हो कर रांची महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आइंद की अगुवाई में हो रहे मिस्सा बलिदान में शामिल हुए।
सभी कैथोलिक विश्वासियों के लिए कब्र पर्व एक विशेष अवसर है। इस दिन वे अपने परिवार के मृत माता पिता, भाई, बहन और रिश्तेदारों को याद करते, उनके जीवन दान के लिए ईश्वर को धन्यवाद देते और उनके आत्मा शांति के लिए प्राथनाएं करते हैं। कैथोलिकों का विश्वास है कि शरीर के मर जाने पर जीवन समाप्त नहीं होता बल्कि वे एक नये जीवन में प्रवेश करते हैं।
जैसे प्रभु येसु क्रूस में मरने के बाद पुन: जी उठे वैसे ही वे भी जी उठेंगे और ईश्वर के राज्य में अर्थात स्वर्ग में दूतों एवं संतों की संगति में वे सदा सर्वदा शांति में निवास करेंगे। इसी विश्वास के साथ कैथोलिक उन मृत विश्वासियों के लिए विशेष प्रार्थना करते हैं जो अभी तक स्वर्ग राज्य में प्रवेश नहीं कर पाये हैं। कब्र पर्व के उपलक्ष्य में महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आइंद ने मिस्सा बलिदान के दौरान अपने धर्मोपदेश में कहा कि हमारा वास्तविक निवास स्वर्ग है जिसकी ओर हम तीर्थयात्री के रूप में अपना कदम बढ़ा रहें हैं।
इस शरीर के नष्ट होने पर हम भी प्रभु येसु के समान पुन: जी उठेंगे। उन्होंने कब्र पर्व के अवसर उन सभी मृत विश्वासियों के लिए प्रार्थना की और कब्रों आशीष प्रदान की। विश्वासियों ने अपने मृतजनों की कब्रों में मोमबत्ती और अगरबत्ती जलाई तथा फूलों से कब्रों को सजाया।
कब्र पर्व के अवसर पर रांची के महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आइंद, फा आनंद डेविड खलखो रांची के पल्ली पुरोहित, फा दीपक बाड़ा, रांची पल्ली के सहायक पल्ली पुरोहित, फा रॉबिन प्रफुल टोप्पो, फा नीलम तिडू, फा इजेकिएल टोप्पो फा जॉर्ज मिंज, अन्य पुरोहितगण, धर्मबंधुगण, धर्मबहनें एवं हजारों की संख्या कैथोलिक विश्वासी उपस्थित रहे।