टीम एबीएन, रांची। श्वेतांबर जैनधर्म का पर्युषण पर्व का कार्यक्रम डोरंडा जैन मंदिर एवं दिगम्बर जैन भवन में चल रहा है। श्वेतांबर जैन धर्म का पर्वाधिराज पर्युषण गतिमान है, इस अवसर पर धर्म की आराधना और त्याग, तपस्या और संयम का विशेष महत्व है। इस अवसर पर लोग अपने आत्म शुद्धि, आत्म साक्षात्कार, धर्म ध्यान, त्याग, तपस्या आदि करके अपने कर्मों की निर्जरा करतें हैं। पूरे चातुर्मास में एवं इस पर्युषण पर्व के दौरान अधिकतर लोग सूर्यास्त से पूर्व ही भोजन ग्रहण कर लेते है। अगले दिन सूर्योदय के पश्चात ही अन्न-जल ग्रहण करते हैं।
जैन मंदिर डोरंडा
पर्युषण पर्व धीरे धीरे अपनी पूर्णता की ओर अग्रसर हो रहा है। कहते हैं कि पर्व के दिन संकरे यानी छोटे होते हैं। आज पर्यूषण पर्व का छठवें रोज जैन मंदिर डोरंडा में सुबह 6:30 बजे नमिनाथ जिनालय में सुबह अभिषेक व स्नात्र पूजा बड़े ही उत्साह व ठाठ बाठ से संपन्न हो रही हैं! आज प्रवचन में भगवान महावीर के जन्म महोत्सव का बहुत ही सजीव वर्णन पुज्य भव्योंदया श्री जी ने किया बताया दिक्कुमारियां, ढ़य इंद्र आदि नाचगान करके भगवान का जन्म बहुत ही आनंद से उत्सव मनाते हैं।
क्षत्रियकुंड नगरी में संगंधित द्रव्यों का छिड़काव, पूरे राज्य में मिष्ठान वितरण सभी बंदियों को रिहा किया गया था, गर्भ में जब से बालक आया तब से राज्य में हर जगह सम्रद्धि आई इसीलिये भगवान का नाम वर्द्धमान भी रखा गया। आज के सांस्कृतिक कार्यक्रम में भगवान के पिता सिद्धार्थ महाराज एवं माता त्रिशला रानी के द्वारा भगवान महावीर के जन्म का नाट्य मंचन हुआ।
श्रद्धाल का उत्साह देखते ही बनता है ऐसा लग रहा है कि सभी श्रद्धालु नंदीश्वरदीप मैं ही परमात्मा की भक्ति पूजा कर रहे हैं। मौके पर संपतलाल रामपुरिया, सुभाष बोथरा, सुरेश बोथरा, आनंद गोठी, विनय नाहटा, अनिल कोठारी, संजय कोठरी, राजू रामपुरिया, बालवीर बोथरा, अक्षय सेठिया, विनायक मेहता, रिखभ चंद भंसाली, प्रमोद बोथरा आदि के साथ काफी श्रद्धालु उपस्थित थे।
इधर, दिगंबर जैन भवन मे श्री साधुमार्गी जैन संघ रांची के पर्युषण के 5 दिवसयीय कार्यक्रम में स्वाध्यायी द्वय गौतम रांका और सुरेश बोरडिया ने बहुत ही सुंदर तरीके से जीवन में कैसे जैन धर्म के नियमों को अपना कर अपने कर्मों की निर्जरा कर सकते हैं, इस विषय पर प्रवचन दिया। जैन धर्म हमें संसार में जीवन जीने की कला सिखाता है। यह संस्कार बहुत आसानी से हम अपने बच्चों में देकर अपनी और उनके जीवन को सफल बना सकते हैं।
सुबह 8 बजे से अन्त: गढ़ सूत्र वाचन सुरेश जी ने किया, जिसमें गजसुकुमार के जीवन अध्यन के बारे में बताया गया कि अनेकानेक भव में किये गए कर्म भी हमारा पीछा नहीं छोड़ते और हमें स्वजन, परिजन, महल, बगीचे, सोने धन वैभव सब नस्वर हैं और छूटने वाले हैं। रांची के जैन समाज में तपस्याओं की कड़ी चल रही है जिसमे श्री छोटे लाल चोरडिया, विशाल दस्साणी और धर्मेंद्र बोहरा लगातार 5 दिनों से उपवास कर रहें हैं।
संगीता लोढ़ा 50 दिनों के आयम्बिल की तपस्या कर रही हैं। सुबह 4:30 बजे रायसी प्रतिक्रमण, उसके बाद प्रार्थना और ध्यान का कार्यक्रम हुआ। आज दिगंबर जैन भवन में पारस हॉस्पिटल के सहयोग से स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया जिसमें 70 लोगो ने अपना स्वास्थ्य चेकअप करवाया।
मौके पर प्रकाश चन्द नाहटा, छोटे लाल चोरड़िया, देव चन्द पींचा, मगन देवी पींचा, पायल कोठारी, पुष्पा बच्छावत, सुमन बरमेचा, वंदना चोरडिया और अन्य महिला मंडल के सदस्य उपस्थित थे। दिगंबर जैन भवन में कल सुबह सुबह 6 बजे से 24 घण्टे का अखण्ड नवकार महामंत्र का जप एवं अन्य कार्यक्रम यथावत रहेंगे एवं जैन मंदिर डोरंडा में सुबह कल्पसूत्र वांचन, प्रवचन एवं शाम में भक्ति भजन किया जायेगा। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी सुरेश जैन ने दी।