एबीएन सोशल डेस्क। अखिल विश्व गायत्री परिवार साधक-शिष्यों ने कामिका एकादशी पर व्रत उपवास एवं जप-अनुष्ठान बुधवार सुबह से गुरुवार सुबह चार बजे तक का गृहे गृहे देवपूजन कर किया। राष्ट्रीय गायत्री साधक समूह आनलाइन जप- अनुष्ठान समूह संचालक ने आनलाइन संदेश दिया कि इस महती दैव योजना में गृह जप में शामिल हो भारत राष्ट्र के उत्थान, नवसृजन, सबके लिए स्वस्थ-सुखद जीवन, सबको सद्बुद्धि उज्जवल भविष्य के निमित्त प्रार्थना में सभी साधक अपने बहुमूल्य समय का एक अंश देने का संकल्प लें।
इस जाग्रत भाव से जप-अनुष्ठान में योगदान किए। इस पावन अवसर पर शक्तिपीठ सेक्टर टू धूर्वा परिसर, स्थानीय पीठों एवं मंडल शाखाओं और गृहे गृहे आवास में साधकों ने भागीदारी की। शक्तिपीठ सेक्टर टू में साधकों ने जप-अनुष्ठान के साथ यज्ञीय अनुष्ठान किये।
इसमें साधक सदस्यों ने मंगलाचरण से रक्षा विधान में गुरु, गायत्री, ब्रह्मा विष्णु, महेश तथा सर्व देव आवाहन, नमन वंदन सहित विधिवत षोडशोपचार, स्वस्तिवाचन सहित यज्ञ किया। अनेक साधकों ने सबके कल्याणार्थ गायत्री महामंत्र, महामृत्युंजय मंत्र के साथ अन्य सहायक मंत्रों के भी जप किए। इस अवसर पर देश-विदेश से जुड़े वरिष्ठ साधक, युवा प्रकोष्ठ के सक्रिय साधक तथा श्रद्धावान नन्हें मुन्ने साधक परिजनों ने भी महामंत्र जप के साथ ध्यान, मंत्र लेखन एवं सामूहिक स्वाध्याय किये।
सबने इस सामूहिक साधना से उत्पन्न ऊर्जा शक्ति को वेदमाता और गुरुवरश्री के श्रीचरणों में नवयुग सृजन और विश्व कल्याण के निमित्त समर्पित किया। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक सह प्रचार-प्रसार प्रमुख जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।