टीम एबीएन, रांची। श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ, डोरंडा के तत्वावधान में चातुर्मास परम पूज्य श्री खतरगच्छाधिपति मणिप्रभसागर सूरीश्वर जी की परम पूज्य गुरूवर्या श्री लयस्मिता श्री जी, प.पू. अमीवषार्जी श्री जी, प.पू. भव्योंदया श्री जी, प.पू. गुणोंदया श्री जी, प.पू. जिनवर्षा श्री जी आदि ठाना 5 का भव्य चातुर्मास चल रहा है। नित्य जप तप ज्ञान ध्यान चल रहा है।
चातुर्मासिक व्याख्यान के साथ सामायिक विषयों पर श्री गुरूवर्या का विवेचन चल रहा है। पूज्या जी ने कहा है कि सामायिक 48 मिनट की होती है 48 मिनट अर्थात 2 घड़ी की इसीलिए की मनुष्य की स्थिरता उतनी ही होती है। उसी तरह पूज्या गुरूवर्या ने चौखट की चर्चा करते हुए कहा कि आज से 20-25 वर्ष पहले हर घर में चौखट होती थी। चौखट यानी जीवन मर्यादित होता था, आज जीवन मे मर्यादा खत्म हो गयी है। हर व्यक्ति स्वतंत्र जीवन जीना चाहता है। अभी स्वछंदता आ गयी है।
आज श्रीमती केशर देवी पींचा के ग्यारह उपवास व श्री विनय नाहटा व श्रीमती सोनल नाहटा के आठ उपवास की तपस्या हेतु बहुमान किया गया साथ ही भजन संध्या का आयोजन किया गया। उससे पहले से डोरंडा में नमिनाथ भगवान के जन्म कल्याणक उपलक्ष्य में सुबह शुक्रस्तव द्वारा भगवान का अभिषेक हुआ, बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
मीडिया प्रभारी सुरेश जैन ने बताया कि मौके पर संपत लाल रामपुरिया, श्रीलाल सेठिया, सुरेश बोथरा, रिखभ चंद, पूनम चन्द, धर्म चंद भंसाली,विमल दस्सानी, घेवर चन्द नाहटा, लाल चन्द बोथरा, प्रकाश चन्द नाहटा, मदन बैंगानी, अनिल कोठरी, बालबीर बोथरा, मनोज नाहटा, संजय कोठारी, राकेश कोठारी, राजेश पींचा, राकेश बछावत, राजू रामपुरिया आदि उपस्थित थे।