एबीएन सोशल डेस्क। सत्यानंद योग मिशन ने उषा मार्टिन कंपनी और शालिनी हॉस्पिटल के पहल पर अनगड़ा प्रखंड के सूदूरवर्ती गांव में ग्रामीणों को, बच्चों को शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक सबलता हेतु योग का प्रशिक्षण दे रहा है।
आज 25 नवंबर को मासू उत्क्रमित मध्य विद्यालय में तीन दिनों से चल रहे योग प्रशिक्षण का समापन हुआ। उषा मार्टिन के सीएसआर प्रमुख मयंक मुरारी जी का यह प्रयास गांव को स्वस्थ बनाने में बहुत कारगर सिद्ध होगा।
योग के आचार्य स्वामी मुक्तरथ जी और इनके टीम के प्रशिक्षित योग मास्टर हजारों बच्चों को बिहार योग विद्यालय मुंगेर की योग पद्धति से लोगों को स्वस्थ बना रहे हैं। आज समापन दिवस पर मुक्तरथ जी ने कहा कि योग के साथ जीवन को जोड़िये तभी आप स्वस्थ, दीर्घायु और संस्कारवान होंगे।
ताड़ासन, सूर्यनमस्कार, शशांकासन, उष्ट्रासन, अर्ध मत्स्येंद्रासन, नाड़ीशोधन प्राणायाम और भ्रामरी प्राणायाम को बच्चों को नियमित करने की जरूरत है। भारत की संस्कृति जीवन को सार्थक, सुंदर और सकारात्मक बनाने वाली है। हम पेड़ की पूजा करते हैं, हम नदी की पूजा करते हैं, हम सूर्य की पूजा करते हैं,और हम वसुधैव कुटुम्बकम की भावना को हृदय में धारण करते हैं।
यही हम भारतीय की पहचान है और यह पर्यावरण के लिए बहुत बड़ा सूत्र है। हर घर के सामने तुलसी, आंवला, गिलोय, एलोविरा और अर्जुन जैसे पौधों को लगाना चाहिए।