- मां का प्रेम अपनी संतान के लिए गहरा और अटूट होता है
- नारी सम्मान समिति लोहरदगा की महिलाओं ने गुरुकुल शांति आश्रम के ब्रह्मचारियों के साथ मनाया मातृ दिवस
- देश की संस्कृति और धर्म ग्रंथों में मातृशक्ति के महत्व के बारे में बच्चों को बताया गया
टीम एबीएन, लोहरदगा। नारी सम्मान समिति, लोहरदगा से जुड़ी महिलाओं ने सोमवार को मदर्स डे पर गुरुकुल शांति आश्रम, लोहरदगा के ब्रह्माचारियों के साथ सामुहिक रूप से मातृ दिवस मनाया। मौके पर ब्रह्माचारियों ने केक काटा और मातृशक्ति रुपी धर्म माताओं के साथ कुछ घंटे बिताया। उनके साथ सामूहिक भोजन किया।
मुख्य अतिथि झारखंड प्रांत आर्य वीर दल के प्रमुख आचार्य शरच्चंद्र आर्य ने इस मौके पर कहा कि यह दिवस माताओं के सम्मान और प्रभाव को बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। लोहरदगा की मातृ शक्तियों ने अपने पुत्र रूपी ब्रह्मचारियों के साथ इस उत्सव को मनाया।
सदैव माताएं सदैव आदरणीय और वंदनीय हैं और रहेंगी। भारत वर्ष में मातृशक्ति तो पूजनीय हैं। कहा भी गया है कि जहां नारी का सम्मान और वह पूजी जाती है। वहां भगवान का वास होता है। इसके लिए हम उन्हें उनका वंदन करते हैं।
आचार्य शरच्चंद्र आर्य ने कहा कि मातृ दिवस माता को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। मां का आंचल अपनी संतान के लिए कभी छोटा नहीं पड़ता। मां का प्रेम अपनी संतान के लिए इतना गहरा और अटूट होता है कि मां अपने बच्चे की खुशी के लिए सारी दुनिया से लड़ लेती है।
मां का हमारे जीवन में बहुत बड़ा महत्व है। मां बिना ये दुनियां अधूरी है। मातृ दिवस मनाने का प्रमुख उद्देश्य मां के प्रति सम्मान और प्रेम को प्रदर्शित करना है भी है।
नारी सम्मान समिति लोहरदगा रीता पांडेय, रंजू साहू, सोमा मुखर्जी, प्रेमलता गुप्ता, गुड़िया केसरी, बिंदिया खत्री, पूनम साहू, वंदना सिंह, माधुरी चौधरी, सविता गुप्ता, गीता गुप्ता, आदि ने कहा कि हमें जगजननी माता के समान धैर्य बनाये रखना सीखना होगा। जो पृथ्वी में लोगों के नकारात्मक कृत्यों को सहन कर रही है। अभी भी हमें आशीर्वाद दे रही है। सभी प्रकार की कठिन परिस्थितियों से हमारी रक्षा और सुरक्षा कर रही है।
हम ईमानदारी से अपने मन में उसकी जगतजननी माता भगवती की पूजा करते हैं तो वह हमें हमारे पापों से छुटकारा दिलाती है। वह ग्रहों के बुरे प्रभावों की दूर करती हैं। लोगों के विभिन्न दोषों को भी दूर कर वह हमें और हमारे पुत्रों को स्वास्थ्य और दीर्घायु बना करहमारे जीवन में को स्वास्थ्य और शांति देती है।
कार्यक्रम को सफल बनाने आचार्य गणेश शास्त्री संजय कुमार यादव आचार्य अर्जुन आर्य पंकज यादव खुशी भारती रामकिशोर महत्व किशन कुमार आदि सेने योगदान किया।