एबीएन बिजनेस डेस्क। मंगलवार (22 अक्टूबर) को भरतीय शेयर बाजार में एक बार फिर तेज गिरावट देखने को मिली है। सेंसेक्स और निफ्टी औंधे मुंह गिरे। सेंसेक्स जहां 1.15 फीसदी की गिरावट के साथ 80,220 के स्तर पर बंद हुआ तो वहीं निफ्टी 1.25 फीसदी लुढ़ककर 24,472 के स्तर पर बंद हुआ।
बाजार में तेज गिरावट की सबसे बड़ी वजह कंपनियों की दूसरी तिमाही के नतीजों को माना जा रहा है। खराब नतीजे बाजार को नीचे की ओर खींच रहे हैं। बाजार में हुई इस गिरावट के कारण बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 453 लाख करोड़ रुपये से गिरकर करीब 444 करोड़ रुपए पर पहुंच गया यानी एक दिन में निवेशकों की पूंजी में लगभग 9 लाख करोड़ रुपए की गिरावट आयी।
गिरावट के प्रमुख कारण
- दूसरी तिमाही के कमजोर नतीजे : कोटक महिंद्रा की आय में 1.46% की, टेक महिंद्रा के रेवेन्यू में 0.27% की और एचडीएफसी बैंक की आय में 0.82% की गिरावट आई। हालांकि, इन कंपनियों के प्रॉफिट में वृद्धि दर्ज हुई है।
- मध्य-पूर्व में तनाव : क्षेत्रीय अस्थिरता का असर वैश्विक बाजारों पर भी पड़ा है, जिससे भारतीय बाजार प्रभावित हो रहे हैं।
- एफपीआई द्वारा धन निकासी : विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं, जिससे बाजार में दबाव बढ़ा है।
- अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की अनिश्चितता : आगामी चुनाव के कारण वैश्विक बाजार में अस्थिरता है, जो भारतीय स्टॉक्स को भी प्रभावित कर रही है।
- ऊंचा वैल्यूएशन : लंबे समय से भारतीय स्टॉक्स का उच्च वैल्यूएशन अब निवेशकों के लिए चिंता का कारण बन गया है।