एबीएन बिजनेस डेस्क। बांबे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 700 से ज्यादा अंकों का उछाल के साथ 61,764.25 अंकों पर बंद हुआ। वैसे सेंसेक्स कारोबारी सत्र के दौरान 62 हजार अंकों के करीब पहुंचते हुए 61,854.19 अंकों पर भी गया। आंकड़ों के अनुसार सेंसेक्स अपने लाइफ टाइम हाई से 1,818.82 अंक पीछे है, जो कभी भी टूट सकता है।
वहीं दूसरी ओर निफ्टी में करीब 195 अंकों का इजाफा देखने को मिला और 18,264.40 अंकों पर बंद हुआ। कारोबारी सत्र के दौरान निफ्टी 18,286.95 अंकों के साथ दिन के हाई पर भी पहुंच गया। सेंसेक्स ने एक दिसंबर को 63,583 अंकों के साथ लाइफ टाइम हाई का रिकॉर्ड कायम किया था।
इन कारणों से आयी शेयर बाजार में तेजी
विदेशी निवेशकों ने मौजूदा वित्त वर्ष में अच्छी खरीदारी की है, अब तक 22,500 करोड़ रुपये का निवेश कर चुके हैं और बीते 7 कारोबारी दिनों में विदेशी निवेशकों 11,700 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी आने का असर भी भारतीय बाजारों में देखने को मिला है। डाउ जोंस 6 अप्रैल को डेढ़ फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिली थी। वास्तव में अप्रैल का जॉब डाटा उम्मीद से बेहतर देखने को मिला।
कच्चे तेल की कीमतें गिरना भारत के लिए अच्छी खबर है। बीते सप्ताह ब्रेंट 5 फीसदी से ज्यादा और डब्ल्यूटीआई में 7 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है।
तिमाही नतीजे उम्मीद बेहतर देखने को मिल रहे हैं, जिसकी वजह से शेयर बाजार को सपोर्ट मिलता हुआ दिखाई दे रहा है।
फाइनेंशियल और ऑटो कंपनियों के ग्रोथ में इजाफा होने से बाजार में कंपनियों के शेयर उछल रहे हैं। भारत का इकोनॉमिक मैक्रो आउटलुक बेहतर दिखायी दे रहा है।
जानकारों की मानें तो 2 से 4 तिमाहियों में भारत के कंजंप्शन में और सुधार देखने को मिल सकता है, जिसकी वजह से एफएमसीजी के अलावा दूसरी कंपनियों के शेयरों में इजाफा है।
बैंक शेयरों में तेजी के साथ रिकवरी के कारण भी शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली है। इंडसइंड बैंक के शेयरों में इजाफा देखने को मिला है। बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व के शेयरों में तेजी आयी है।