एबीएन कैरियर डेस्क। आज एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग के छात्र एक प्रभावशाली और अत्यंत जानकारीपूर्ण साइबर सुरक्षा सत्र में शामिल हुए, जिसे आशुतोष कुमार मिश्रा ने प्रस्तुत किया। वे एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल के गर्वित पूर्व छात्र (बैच 2005) हैं। वे साइबर सुरक्षा पेशेवर हैं, जो वर्तमान में अमेरिका और यूरोप आधारित संगठनों के साथ कार्यरत हैं।
वे इंडिया-लेवल हैकाथॉन 2022 के विजेता हैं, जो भारत के गृह मंत्री के प्रोटोकॉल स्टाफ द्वारा सम्मानित झारखंड और बिहार पुलिस के लिए तकनीकी सुरक्षा सलाहकार, गूगल, फेसबुक, माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल और 100 से अधिक वैश्विक कंपनियों द्वारा साइबर सुरक्षा मिशन में योगदान के लिए सम्मानित किये गये हैं।
सत्र के दौरान, छात्रों ने कई महत्वपूर्ण साइबर खतरों के बारे में जानकारी प्राप्त की, जिनमें साइबर अपराध और आधुनिक आॅनलाइन धोखाधड़ी तकनीकें, बैंकिंग धोखाधड़ी झ्र यूपीआई स्कैम, ओटीपी जाल, फिशिंग, नकली कस्टमर केयर कॉल, डिजिटल गिरफ्तारी स्कैम जिसमें ठग पुलिस अधिकारियों का दिखावा कर पैसे की मांग करते हैं।
सुरक्षित और असुरक्षित वाई-फाई का प्रयोग, विशेष रूप से सार्वजनिक हॉटस्पॉट से, सोशल मीडिया का जिम्मेदार उपयोग प्राइवेसी सेटिंग्स, डिजिटल फुटप्रिंट, नकली अकाउंट निवेश, ऐप स्कैम उच्च लाभ का वादा करने वाले नकली ऐप, संदेशों और लिंक के माध्यम से स्कैम दुर्भावनापूर्ण लिंक, लॉटरी धोखाधड़ी, नौकरी स्कैम, पासवर्ड सुरक्षा, पहचान संरक्षण, और सुरक्षित ब्राउजिग आदतें मुख्य रूप से चर्चा का विषय रहीं। संसाधक ने यह स्पष्ट किया कि साइबर खतरे तेजी से बढ़ रहे हैं, और सतर्क, सूचनाप्रद तथा जिम्मेदार रहना ही सुरक्षा का एकमात्र उपाय है।
विद्यालय के प्राचार्य डॉ तापस घोष ने इस पहल की सराहना की और छात्रों से सुरक्षित आनलाइन व्यवहार अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराध के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है। इस सत्र में छात्रों को वास्तविक जीवन के उदाहरणों, व्यावहारिक बातें बताकर लाभान्वित किया गया।