एबीएन कैरियर डेस्क। विद्यार्थी विज्ञान मंथन (वीवीएम) भारत का सबसे बड़ा विज्ञान प्रतिभा खोज परीक्षा है, जो कक्षा छठी से 11वीं तक के स्कूल विद्यार्थियों के लिए है। इसका उद्देश्य छात्र समुदाय में वैज्ञानिक क्षमता वाले होनहार मस्तिष्कों की पहचान करना है। वीवीएम विज्ञान भारती (विभा) की एक पहल है, जिसे एनसीईआरटी और एनसीएसएम के सहयोग से, शिक्षा मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत संचालित किया जाता है।
विद्यार्थी विज्ञान मंथन के राष्ट्रीय (हिमालयन) और क्षेत्रीय विजेताओं को भारतीय राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं या प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे आईआईटी, डीआरडीओ, इसरो आदि में 1 से 3 सप्ताह की व्यापक प्रशिक्षण तथा इंटर्नशिप का अवसर प्राप्त होगा। श्रीजन मेंटरशिप कार्यक्रम के दौरान छात्रों को कुछ प्रोजेक्ट/गतिविधियां दी जाएंगी, जिन्हें सफलतापूर्वक पूरा करना होगा।
एसआर डीएवी पुंदाग के ग्यारह विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत, समर्पण और वैज्ञानिक भावना के बल पर वीवीएम परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करके विद्यालय का मान बढ़ाया। ये दस विद्यार्थी झारखंड राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए विद्यार्थी विज्ञान मंथन (वीवीएम) 2025-26 के राज्य स्तरीय शिविर में भाग लेने के लिए चयनित हुए हैं, जिन्होंने स्तर 1 और स्तर 2 की परीक्षा उत्तीर्ण की है। इन विद्यार्थियों के नाम जैनब अली, आद्या तिवारी, मोहम्मद नसर, यज्ञ कल्याण, कनिष्क पाण्डेय, हर्षित पाठक, अभिनव कुमार कुशवाहा, कुमारी सृष्टि पाठक, शौर्य कुमार सिंह, अदिति कुमारी तथा तन्मय कुमार हैं।
प्राचार्य डॉ तापस घोष ने सभी विजयी, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उनके उल्लेखनीय सफलता पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे विद्यार्थियों पर विद्यालय परिवार को गर्व है। ये विद्यार्थी अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा स्रोत का काम करेंगे, ताकि वे भी विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ें। उन्होंने उम्मीद जतायी कि वे राज्य स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन करके सफलता के परचम लहरायेंगे।