Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
लाइव: 31
होम ई-पेपर देश झारखंड खेल समाचार राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन
करियर

विद्यार्थियों और शिक्षकों ने जानी रिसर्च मेथडोलॉजी की बारीकियां

शेयर करें: WhatsApp Facebook X Back to ePaper
विद्यार्थियों और शिक्षकों ने जानी रिसर्च मेथडोलॉजी की बारीकियां
विज्ञापन
  • रिसर्च मेथडोलॉजी विषय पर छात्रों एवं शिक्षकों को डॉ. शशि कपूर प्रसाद ने दी महत्वपूर्ण जानकारी

टीम एबीएन, रांची। गोस्सनर महाविद्यालय, राँची के आईक्यूएससी के तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इसके मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय मनोविज्ञान विभाग, राँची के सहायक प्राध्यापक डाॅ. शशि कपूर प्रसाद उपस्थित थे।

आगत आतिथि का स्वागत महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. ईलानी पुर्ति ने किया।जिसमें उन्होंने रिसर्च मेथडोलॉजी (अनुसंधान पद्धति) के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस सत्र में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ शिक्षकों की भी सक्रिय भागीदारी रही।

डॉ. प्रसाद ने अपने वक्तव्य में अनुसंधान की मूल अवधारणाओं, विधियों, तथा चरणों को स्पष्ट करते हुए बताया कि किसी भी शैक्षणिक क्षेत्र में सशक्त और प्रमाणिक शोध कार्य के लिए अनुसंधान पद्धति की गहन समझ अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक और ज्ञान-आधारित युग में गुणवत्तापूर्ण शोध ही किसी संस्थान और शोधकर्ता की पहचान बनाता है।

उन्होंने शोध विषय के चयन से लेकर हाइपोथेसिस निर्माण, डाटा संग्रहण की विधियाँ, सांख्यिकीय विश्लेषण तथा निष्कर्ष निकालने तक की प्रक्रिया को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया। इसके साथ ही उन्होंने नैतिक शोध (Ethical Research) की आवश्यकता और महत्व पर भी बल दिया।

सत्र के दौरान उपस्थित शिक्षकों ने भी अपने अनुभव साझा किए और छात्रों ने उत्सुकतापूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका समाधान डॉ. प्रसाद ने सरल और सटीक ढंग से किया।
इस आयोजन ने विद्यार्थियों को अनुसंधान के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान की और उन्हें गंभीरता से शोध कार्य में संलग्न होने के लिए प्रेरित किया।

धन्यवाद ज्ञापन आईक्यूएससी के काॅडिनेडर डाॅ. अजय कुमार ने किया। मौके पर महाविद्यालय के बर्सर प्रो. प्रवीण सुरीन तथा तीनों संकाय के फैकल्टी इंचार्ज सहित काफी संख्या में प्राध्यापक और विद्यार्थी मौजूद थे।

विज्ञापन