टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के किन-किन क्षेत्रों में कौन-कौन से वनोपज और कृषि उपज पाए जाते हैं, इसका डाटाबेस तैयार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने डेटाबेस के अनुसार, उपज का वैल्यू एडिशन और मार्केटिंग के लिए मैकेनिज्म तैयार करने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री बुधवार को झारखंड विधानसभा स्थित अपने कक्ष में सिदो-कान्हू कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ लिमिटेड रांची के निदेशक पर्षद की पहली बैठक में उक्त निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने वनोपज से संबंधित संस्थानों से समन्वय स्थापित कर कार्य योजना बनाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने संघ के पदाधिकारियों को वनोपज और कृषि उपज के क्षमता विकास के लिए एक कौशल विकास केंद्र स्थापित करने का भी निर्देश दिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सिदो-कान्हू कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ लिमिटेड के विभिन्न कार्यों और गतिविधियों के ससमय निष्पादन के लिये जल्द मानव बल नियुक्त करें। राज्य के वन क्षेत्रों में उत्पादित वनोपज का संग्रहण, मार्केटिंग व प्रोसेसिंग बेहतर तरीके हो सके यह सुनिश्चित कराएं। सीएम ने स्टेट प्रोक्यूरमेंट एवं मार्केटिंग पॉलिसी निर्धारण और स्टेट क्रेडिट लिंकेज पॉलिसी निर्धारण के लिये कमेटी का गठन करने का भी निर्देश दिया। बैठक में संघ के निबंधित उपविधि को अंगीकार किया गया। बैठक में कुछ अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान कृषि मंत्री बादल, अपर मुख्य सचिव एल ख्यानग्ते, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, सचिव केके सोन, सचिव अबू बकर सिद्दीकी, सिदो-कान्हू कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ लि के सीईओ संजीव कुमार, सचिव जयप्रकाश शर्मा तथा झास्कोलैम्प, झामकोफेड एवं वेजफेड के प्रबंध निदेशक एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।