एबीएन सेंट्रल डेस्क। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में राज्य में होनेवाले पंचायत चुनाव-2022 में ओबीसी के लिए आरक्षित विभिन्न स्तर के 9,077 पदों को समाप्त कर दिया गया है। इससे पंचायत चुनाव में अनारक्षित सीटों की संख्या बढ़ कर 34,802 हो गयी है. ओबीसी आरक्षण के साथ अनारक्षित सीटों की संख्या 25,725 थी।
राहुल रमेश वाघ बनाम महाराष्ट्र सरकार के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ओबीसी को आरक्षण देने के लिए ट्रिपल टेस्ट फार्मूला पूरे देश में लागू करने का आदेश दिया था। साथ ही यह भी कहा था कि ट्रिपल टेस्ट के बगैर पंचायत चुनाव कराने की स्थिति में ओबीसी के लिए आरक्षित सीटों को अनारक्षित मानना होगा।
जिला परिषद में अनारक्षित पदों की संख्या हुई 294 : पंचायत चुनाव के आरक्षण से संबंधित आंकड़ों के अनुसार, जिला परिषद सदस्य के कुल 536 पदों में से 92 पद ओबीसी के लिए आरक्षित थे। नयी आरक्षण व्यवस्था के तहत ओबीसी के लिए आरक्षित पदों को समाप्त करने की वजह से जिला परिषद में अनारक्षित पदों की संख्या 202 से बढ़ कर 294 हो गयी है।
पंचायत समिति के सदस्यों के कुल 5341 पदों में से 874 पद ओबीसी के लिए आरक्षित थे। इसे अब समाप्त कर दिया गया है। इससे पंचायत समिति में अनारक्षित पदों की संख्या 2,055 से बढ़ कर 2,929 हो गयी है। राज्य में मुखिया के कुल 4345 पदों से ओबीसी के लिए 48 पद आरक्षित थे। इसे समाप्त कर दिया गया है। इससे राज्य में मुखिया के अनारक्षित पदों की संख्या 1,213 से बढ़ कर 1,261 हो गयी है।