मास्टर ट्रेनर्स के नेतृत्व में आइडियाथॉन-हैकाथॉन प्रशिक्षण के माध्यम से 120 शिक्षक हुए सशक्त
एबीएन न्यूज नेटवर्क, दुमका। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए क्वेस्ट एलायंस, डायट, दुमका एवं जिला शिक्षा विभाग, दुमका के सहयोग से 13-15 जुलाई 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आइडियाथॉन-हैकाथॉन एवं समृद्ध करियर के लिए भविष्य कौशल का सफल समापन हुआ।
इस प्रशिक्षण में दुमका जिले के 120 शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसका संचालन पूरी तरह 14 मास्टर ट्रेनर्स ने किया, जिन्होंने 9-11 जुलाई को आयोजित ट्रेनिंग आॅफ मास्टर ट्रेनर्स (ळङ्मटळ) में प्रशिक्षण प्राप्त किया था। यह मॉडल शिक्षा प्रणाली के भीतर शिक्षक नेतृत्व और सतत क्षमता निर्माण का सफल उदाहरण है।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने डिजाइन थिंकिंग, समस्या की पहचान, विचार निर्माण, प्रोटोटाइप विकास तथा अनुभवात्मक शिक्षण की प्रक्रियाओं को सीखा। अब ये शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों को स्थानीय समस्याओं के समाधान हेतु नवाचार आधारित सीखने की प्रक्रिया से जोड़ेंगे, जिससे उनमें रचनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतन, सहयोग, संचार और समस्या समाधान जैसे भविष्य के महत्वपूर्ण कौशल विकसित होंगे।
प्रभारी प्राचार्य, डायट दुमका, श्रीमती मधुश्री कुमारी ने कहा, यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था में शिक्षक नेतृत्व को मजबूत करती है। जब शिक्षक स्वयं प्रशिक्षक बनते हैं, तो गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण स्थानीय स्तर पर निरंतर आगे बढ़ता है।
मास्टर ट्रेनर सुश्री सिंधुश्री भारती (उच्च विद्यालय करहरबिल) ने कहा, क्वेस्ट एलायंस से प्रशिक्षण प्राप्त करने और फिर स्वयं प्रशिक्षण संचालित करने से हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है। अब हम अन्य शिक्षकों और विद्यार्थियों को नवाचार की दिशा में प्रभावी मार्गदर्शन देने के लिए तैयार हैं।
यह पहल अगस्त 2025 में आयोजित 60 नोडल शिक्षकों के फाउंडेशनल आइडियाथॉनझ्रहैकाथॉन प्रशिक्षण की निरंतरता है। वर्ष 2025 के प्रशिक्षण का संचालन अंजू प्रिया, सत्यजीत कुमार, जियाधर कुमार एवं आकाश कुमार ने किया था। इस दौरान क्वेस्ट एलायंस की टीम से शर्मिष्ठा, अंजू कुमारी, शिल्पा कुमारी, कुमारी अंशुमाला एवं पूजा पासवान ने सहयोग प्रदान किया।
यह संपूर्ण पहल राज्य प्रमुख सुशांत पाठक के मार्गदर्शन में संचालित की गयी। यह कार्यक्रम शिक्षकों को नवाचार आधारित शिक्षण के लिए सशक्त बनाने के साथ-साथ दुमका में एक स्थायी शिक्षक नेतृत्व मॉडल विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।