टीम एबीएन, रांची। शहरों की नदियां, तालाब, बांध, नालियां और अन्य जल स्रोत झारखंड की जीवनरेखा हैं। इन पर किसी भी कीमत पर अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। आज शहरी विकास एवं आवास विभाग की बैठक में अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये गये हैं कि शहरों से होकर गुजरने वाली नदियों, नालियों, तालाबों, बांधों या अन्य जल स्रोतों के क्षेत्रों में बने सभी अवैध घरों और अन्य निर्माण कार्यों को तत्काल रोका जाये और पहले से बने अवैध घरों को अतिक्रमण मुक्त किया जाये।
अतिक्रमण करके बनाये गये घरों का तत्काल गहन सर्वेक्षण किया जाये। साथ ही, शहरी निकायों में नदियों या अन्य जल स्रोतों में किये गये अवैध निमार्णों की पहचान की जाए, लिखित नोटिस जारी किये जायें, जो लोग अतिक्रमण नहीं हटाते उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाये और अवैध अतिक्रमण से बनी संरचनाओं के खिलाफ युद्धस्तर पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाये।
नदी के किनारों और अन्य जल स्रोतों के क्षेत्रों में अतिक्रमण करके घर बनाना पर्यावरण और जल निकासी व्यवस्था के लिए एक गंभीर खतरा है। ऐसे कार्य बिल्कुल भी क्षम्य नहीं हैं, और ऐसे कार्य करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिये गये हैं।
मैं राज्य के निवासियों से भी अपील करता हूं कि वे जल स्रोतों के क्षेत्रों में अवैध अतिक्रमण करके किसी भी प्रकार की संरचना न बनायें। प्रकृति, पर्यावरण और झारखंड के भविष्य की रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse