टीम एबीएन, चाईबासा/ रांची। पश्चिम सिंहभूम जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त अनन्य मित्तल के अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग एवं समाज कल्याण विभाग के जिला स्तरीय/क्षेत्रीय पदाधिकारियों की उपस्थिति में समर अभियान, पोषण ट्रैकर एप्प तथा एनीमिया मुक्त भारत अभियान अंतर्गत संचालित क्रियाकलापों की समीक्षा हेतु बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में सर्वप्रथम समाज कल्याण विभाग तहत आगामी 15 मई से 22 मई 2023 तक आयोजित होने वाले वृद्धि निगरानी सप्ताह का समारोह पूर्वक आयोजन को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। इस क्रम में बताया गया कि अभियान के तहत आंगनवाड़ी केंद्र के पोषक क्षेत्र में 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं एवं 14 वर्ष से 18 वर्ष तक की सभी किशोरी बालिकाओं की वृद्धि निगरानी (उम्र, वजन, लंबाई/ऊंचाई) केंद्र पर करते हुए सभी आंकड़ों को पोषण ट्रैकर एवं समर एप्प पर शत्-प्रतिशत प्रविष्ट किया जाना है।
इसके अलावा अभियान के निमित्त आयोजित समारोह के दौरान क्षेत्र के स्थानीय जनप्रतिनिधि गण, आमजन को आमंत्रित कर उक्त के संदर्भ में वृहद प्रचार-प्रसार भी सुनिश्चित किया जाये।
समीक्षा के दौरान उपायुक्त के द्वारा समर अभियान अंतर्गत संचालित गतिविधियों के तहत सर्वे के दौरान चिह्नित बच्चों के हाइट/वेट का संपूर्ण डाटा पोर्टल पर अपलोड करने तथा एसएएम/ एमएएम/अंडरवेट बच्चों का प्रत्येक 15 दिनों पर डाटा संकलित करने एवं जिन चिन्हित बच्चों का फॉलोअप प्रारंभ नहीं हुआ है, उनका फॉलोअप प्रारंभ करते हुए समर एप्प पर डाटा प्रविष्ट करने का निर्देश दिया गया।
पोषण ट्रैकर एप्प के तहत परियोजना बार समीक्षा के दौरान सेविका के माध्यम से निर्धारित लाभुक वर्ग का वजन माप कर ट्रैकर एप में अपलोड करने तथा जिन परियोजनाओं में जिला के औसत से कम डाटा अपलोड किया गया है, उन सभी को आगामी 1 सप्ताह के भीतर कार्य को पूर्ण करने तथा बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को दिये जाने वाले टेक होम राशन वितरण की एंट्री एप्प पर करने हेतु निर्देशित किया गया।
उपायुक्त के द्वारा एनीमिया मुक्त भारत अभियान की समीक्षा के दौरान विभिन्न आयु वर्ग को दिए जाने वाली आईएफए टेबलेट/सिरप का शत प्रतिशत आच्छादन सुनिश्चित करते हुए निगरानी में इसके सेवन को प्राथमिकता देने और शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं समाज कल्याण विभाग के पदाधिकारियों को अपने क्षेत्रीय पदाधिकारियों से हस्ताक्षरित प्रतिवेदन प्राप्त करने हेतु निर्देशित किया गया।