फीफा विश्व कप ट्रॉफी पर भी दिखा सोने की बढ़ती कीमतों का असर, चार साल में दोगुने से अधिक हुई वृद्धि
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क (नयी दिल्ली)। वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में आयी तेज बढ़ोतरी का असर खेल जगत की सबसे प्रतिष्ठित ट्रॉफी पर भी दिखायी दे रहा है जहां फीफा विश्व कप ट्रॉफी में मौजूद सोने का मूल्य बढ़कर लगभग 7.13 लाख डॉलर ( लगभग 6.73 करोड़ रुपये) पहुंच गया है। वित्तीय बाजार डेटा प्रदाता एलएसईजही के मुताबिक यह आंकड़ा 2022 विश्व कप के समय की तुलना में दोगुने से भी अधिक है।
विश्व कप ट्रॉफी 18 कैरेट सोने से निर्मित है और इसका कुल वजन 6.175 किलोग्राम है जिसमें लगभग 4.93 किलोग्राम शुद्ध सोना शामिल है। भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक व्यापार अनिश्चितता और आर्थिक विकास की धीमी रफ्तार के बीच सोने की कीमतों में आयी तेजी ने ट्रॉफी के मूल्य को भी नयी ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।
एलएसईजी मेटल्स रिसर्च के वरिष्ठ धातु विश्लेषक देबाजित साहा ने कहा, सोने की कीमतों में हाल के उच्चतम स्तरों से कुछ नरमी आयी है, लेकिन दीर्घकालिक रुझान अब भी बेहद उल्लेखनीय बना हुआ है। खिलाड़ियों के लिए विश्व कप ट्रॉफी का महत्व अमूल्य है, लेकिन इसमें मौजूद सोने का मूल्य दिलचस्प आंकड़ा पेश करता है कि वर्षों में कीमती धातु की कीमत कितनी तेजी से बढ़ी है।
जब अर्जेंटीना ने 2022 में कतर में आयोजित विश्व कप जीता था तब ट्रॉफी के सोने का मूल्य लगभग 2.77 लाख डॉलर आंका गया था। वहीं 1974 विश्व कप से पहले वर्तमान डिजाइन की शुरूआत के समय इसकी कीमत करीब 25,000 डॉलर थी। विश्व की प्रमुख खेल ट्रॉफियों में फीफा विश्व कप ट्रॉफी अकेली ऐसी ट्रॉफी है जो सोने से बनी है।
इसके मुकाबले यूएफा चैंपियंस लीग और यूएफा यूरोपा लीग की ट्रॉफियां स्टर्लिंग सिल्वर से बनी हैं, जिनकी अनुमानित धातु-आधारित कीमत क्रमश: 16,950 डॉलर और 22,600 डॉलर है। अमेरिका में इंडियापोलिस 500 (मोटर रेसिंग प्रतियोगिता) के विजेता को दी जाने वाली बोर्ग-वार्नर टॉफी सबसे मूल्यवान और भारी ट्रॉफियों में शामिल है।
1.62 मीटर ऊंची इस ट्रॉफी में लगभग 69 किलोग्राम स्टर्लिंग सिल्वर है, जिसकी अनुमानित धातु कीमत 1.56 लाख डॉलर है। फीफा 2026 विश्व कप का आगाज 11 जून को अमेरिका में हुआ था। 48 टीमों के इस टूर्नामेंट का फाइनल 19 जुलाई को खेला जायेगा।